सूरजपुर। जिले में शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के संलग्नीकरण को लेकर अब नई बहस शुरू हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी सूरजपुर ने सोमवार को रामानुजनगर विकासखण्ड में पदस्थ सहायक ग्रेड–02, सहायक ग्रेड–03 एवं भृत्य वर्ग के कर्मचारियों का अटैचमेंट खत्म करते हुए उन्हें मूल संस्था वापस लौटने का आदेश जारी कर दिया है। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि जिला मुख्यालय सूरजपुर के एसडीएम कार्यालय में पदस्थ शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों का संलग्नीकरण कब खत्म होगा?
सूत्रों के अनुसार, इन दोनों कर्मचारियों की लंबे समय से एसडीएम कार्यालय में अटैचमेंट बनी हुई है। जिलेभर में संलग्नीकरण समाप्त करने के शासन–प्रशासन के आदेश के बावजूद यहाँ अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कहीं राजनीतिक संरक्षण या फिर ऊपरी प्रभाव की वजह से यह अटैचमेंट जस का तस बना हुआ है।
जिले के शिक्षा विभाग में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर एक ही आदेश के तहत रामानुजनगर में त्वरित कार्यवाही की गई, लेकिन जिला मुख्यालय सूरजपुर के संवेदनशील दफ्तर (एसडीएम कार्यालय) में बैठे कर्मचारी अब तक सुरक्षित क्यों हैं?
ग्रामीणों और शिक्षाकर्मियों का कहना है कि अगर नियम सबके लिए समान है तो सूरजपुर एसडीएम कार्यालय में अटैच कर्मचारियों को भी तत्काल उनके मूल पदस्थ संस्था भेजा जाना चाहिए। अन्यथा यह आदेश केवल कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा।
अब देखना यह होगा कि जिला शिक्षा अधिकारी और कलेक्टर सूरजपुर इस मामले पर कब कार्यवाही करते हैं और राजनीतिक प्रभाव के आरोपों के बीच एसडीएम कार्यालय में बैठे शिक्षा विभाग के इन कर्मचारियों का संलग्नीकरण कब खत्म होता है।



