विशेष शिक्षण केन्द्रों के जरिए आर्थिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े ग्रामीण बच्चों को सशक्त बनाएगी सृजन महिला विकास मंच ,

By
Advertisement
Advertisement

चक्रधरपुर। आर्थिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े बच्चों की शिक्षा को सशक्त और समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सृजन महिला विकास मंच, बाल संरक्षण परियोजना के अंतर्गत 20 विशेष शिक्षण केंद्र का संचालन कर रही है। इस कड़ी में दो विशेष शिक्षण केंद्र बांझीकुसुम एवं आसनतलिया का गुरुवार को उद्घाटन किया गया। उक्त केन्द्रों का उद्घाटन मुख्य अतिथि स्वरुप उपस्थित समाजसेवी सह केन्द्रीय विद्यालय के शिक्षक नील अभिमन्यु ने फीता काटकर किया।

मौके पर मुख्य अतिथि नील अभिमन्यु ने अपने संबोधन में कहा आर्थिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े ग्रामीण बच्चे विशेष कर जो विद्यालय में अनियमित रहते हैं या पढ़ाई में रुचि नहीं लेते हैं, वैसे बच्चों को मूलभूत अंग्रेजी व हिंदी भाषा में साक्षरता एवं अंकज्ञान का अभाव होता है । जो कि आगे चलकर उन्हे उच्च कक्षाओं में एवं आगामी जीवन में काफी बाधा उत्पन्न करता है।

इसी समस्या को अवलोकन करते हुए विशेष शिक्षण केंद्र के जरिए सृजन महिला विकास मंच का कक्षा 3 से 5 तक के आर्थिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक सहायता प्रदान करते हुए उनके पढ़ाई में रूची की वृद्धि कर लक्षित शैक्षिक विकास को हासिल करने में सहायता सुनिश्चित करने का उद्देश्य है।

आगे श्री नील ने कहा कि सृजन महिला विकास मंच की सचिव नरगिस खातून जी सराहना की पात्री हैं जिनके कुशल मार्गदर्शन एवं अथक प्रयास से यह परियोजना संचालित है। मौके पर उपस्थित कम्युनिटी मोबीलाईजर अनंत प्रधान ने कहा कि सृजन महिला विकास मंच इस प्रयोजना के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रत्येक केन्द्र के लिए प्रशिक्षित ट्यूटर्स की बहाली भी की है।

जो कि प्रचुर मात्रा में शिक्षण अधिगम सामग्रियों का उपयोग करते हुए गतिविधि आधारित रोचक पूर्ण एवं प्रभावी शिक्षण के जरिए बच्चों को शिक्षा देंगे। जिससे बच्चे पढ़ाई में रुची लेते हुए कक्षाओं में नियमित होंगे एवं उनका आत्मविश्वास में भी वृद्धि संभव होगा। आगे श्री प्रधान ने कहा कि विशेष शिक्षण केंद्र में प्रशिक्षित ट्यूटर द्वारा नियमित रूप से बच्चों की प्रगति की जांच भी की जाएगी।

इस उद्घाटन कार्यक्रम में ट्युटर दमयंती प्रधान, पूर्णिमा जोंकों एवं अभिभावक सुनिता बोदरा,रूईबारी सुम्बरूई,माकी कुई,मुनी सुम्बरूई,पार्वती,सरोज केरकेट्टा,रामधनी सुम्बरूई, गंगी सुम्बरूई, मंजरी बोदरा सहित शिक्षण के लिए चयनित बच्चे उपस्थित थे।

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *