रायगढ़@खबर सार :- वर्षों से चुपचाप पनप रहे अवैध सट्टे के कारोबार पर आखिरकार पुलिस की नजर पड़ी। चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में एसपी के सख्त निर्देशों पर आज सिंधी कॉलोनी में बड़ी कार्रवाई की गई, जहां दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, यह सट्टा का धंधा कई सालों से फल-फूल रहा था, लेकिन सवाल उठ रहा है कि पुलिस की नींद आज ही क्यों खुली? क्या यह एसपी की सख्ती का नतीजा है या कोई बड़ा खुलासा?
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, चक्रधर नगर थाने की टीम ने छापेमारी के दौरान सट्टे से जुड़े दस्तावेज और नकदी जब्त की। हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों से पूछताछ जारी है, और आगे की जांच में बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना जताई जा रही है। एसपी ने इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताया, लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि सट्टा का जाल पूरे इलाके में फैला हुआ था, और पुलिस को इसकी जानकारी पहले से ही थी।
लेकिन सट्टे की कार्रवाई के बीच एक और गंभीर मुद्दा छुपा हुआ है—अवैध गांजे का खुलेआम कारोबार। आईटीआई कॉलोनी, इंद्राविहार से पहले पेट्रोल पंप और आसपास की कई जगहों पर गांजा बिक्री की शिकायतें महीनों से आ रही हैं, लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये ठिकाने युवाओं को बर्बाद कर रहे हैं, और पुलिस की निष्क्रियता से अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। क्या एसपी के निर्देश अब गांजे के इन अड्डों पर भी गिरेंगे, या यह सिर्फ सट्टे तक सीमित रहेगी?
पुलिस अधिकारियों ने गांजे के कारोबार पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि जांच का दायरा बढ़ाया जा सकता है। शहरवासी अब इंतजार कर रहे हैं कि क्या यह कार्रवाई एक शुरुआत है या फिर महज दिखावा? रायगढ़ पुलिस की साख अब इस पर टिकी है कि वे अवैध नशे और जुए के पूरे जाल को उखाड़ फेंकेंगी या नहीं। आगे की अपडेट्स के लिए बने रहें।
रायगढ़ में अवैध सट्टे पर पुलिस का हथौड़ा, लेकिन गांजे का कारोबार क्यों बेखौफ?
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