रायगढ़: गणेश तालाब में मछलियों की मौत का सिलसिला जारी, नगर निगम और मत्स्य विभाग ने बचाव की योजना बनाई

2 Min Read


तालाब में प्रतिदिन 20-25 मछलियों की मौत से लोग हैरान

गौशाला रोड स्थित गणेश तालाब में बीते कुछ दिनों से मछलियों की मौत का सिलसिला जारी है। तालाब में करीब 4-5 हजार मछलियां हैं, जिनमें सबसे ज्यादा रोहू और कतला मरी हुई पाई जा रही हैं। सुबह-शाम वॉक पर आने वाले लोग इस स्थिति को देख हैरान और चिंतित हैं।

तालाब में मछलियों की संख्या और भोजन की अधिकता बनी कारण

पार्षद सलीम नियारिया के अनुसार, तालाब में मछलियों की संख्या जरूरत से ज्यादा हो गई है। लोग नियमित रूप से आटा, बिस्किट और अन्य खाद्य सामग्री डालते हैं, जो तालाब के तल में जमा होकर सड़ रही है और पानी की गुणवत्ता खराब कर रही है। इससे कीड़े और परजीवी पैदा हो रहे हैं, जिनके कारण मछलियों की मौत हो रही है।

रंगीन मछलियों पर असर नहीं, लेकिन कुछ मछलियां प्रभावित

रंगीन (एक्वेरियम/समुद्री) मछलियों पर फिलहाल कोई असर नहीं देखा गया।

कुछ समय पहले कीचड़ खाने वाली मछली भी मरी मिली, जिससे पानी में जैविक असंतुलन का पता चलता है।


चूना और क्लीनर डालने के बावजूद मौतें जारी

मत्स्य विभाग ने तालाब में चूना और क्लीनर डालने की सलाह दी, लेकिन इससे भी मछलियों की मौतें कम नहीं हुईं।

नगर निगम और प्रशासन की बचाव योजना

अब नगर निगम और प्रशासन मछलियों को केलो डेम में शिफ्ट करने या तालाब का पानी बदलने की योजना बना रहे हैं।

मत्स्य विभाग के अनुसार, पानी में जमा खाद्य सामग्री और गंदगी से मछलियों में परजीवी संक्रमण हो रहा है।

पार्षद ने बताया कि मछलियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने या पानी बदलने से उनकी जान बच सकती है, और इस पर निगम अधिकारियों के साथ प्लानिंग की जा रही है।


TAGGED:
Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *