ये कैसी पुलिसिंग, स्कूल से लौट रहे शिक्षक पर किया गया जानलेवा हमला तो पुलिस ने जमानती धाराओं में दर्ज किया FIR, शिक्षक गंभीर हालत में ICU में

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सूरजपुर। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर क्षेत्र में एक शिक्षक के ऊपर जानलेवा हमला किया गया. शिक्षक पर इतना खतरनाक तरीके से रास्ता रोककर जानलेवा हमला किया गया कि शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए लेकिन इसके बाद भी अब तक इस पूरे मामले में पुलिस ने ठोस कार्रवाई नहीं की है आरोपियों के खिलाफ सिर्फ जमानती धाराओं के तहत ही अपराध दर्ज किया गया है और इससे जाहिर है कि आरोपियों को बचाने की कोशिश पुलिस ने घटना के साथ ही शुरू कर दिया है. इससे पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं वही सवाल यह भी है कि आखिर पुलिस हत्या का प्रयास करने जैसे गंभीर मामले में गंभीर व गैर जमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज क्यों नहीं कर रही है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षक जीवधन जायसवाल स्कूल में पढ़ाने के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर प्रतापपुर जा रहे थे इसी दौरान सिलफिली जंगल में आरोपियों ने बाइक से पीछा करते हुए उनका रास्ता रोक लिया और उसके बाद उन्हें बाइक से गिराने के बाद मारपीट करना शुरू कर दिया. जिससे उनका एक पैर टूट गया और फिर जब शिक्षक जमीन पर बेसुध होकर जमीन पर गिर गया तो बड़े-बड़े पत्थरों से आरोपियों ने सिर में हमला करना शुरू कर दिया. आरोपी चाहते थे कि सिर में लगातार हमला करने से उनकी मौत हो जाएगी लेकिन तभी सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों ने देखा और बीच बचाव किया. इसके बाद आरोपी वीरेंद्र जायसवाल और अनिल जायसवाल वहां से फरार हो गए और शिक्षक को गंभीर हालत में प्रतापपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाकर इलाज कराया गया जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया. अंबिकापुर के निजी अस्पताल के ICU में उनका इलाज चल रहा है. वही इसकी रिपोर्ट तत्काल शिक्षक जीवन जायसवाल के रिश्तेदार धर्मपाल जायसवाल के द्वारा प्रतापपुर थाने में दर्ज कराया गया पूरी कहानी थाना प्रभारी सहित थाना में मौजूद पुलिस कर्मियों को बताया गया लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने पूरे मामले में जमानती धाराओं के तहत ही अपराध दर्ज किया है जबकि सिर में लगातार बड़े-बड़े पत्थर से हमला करने के कारण सिर में गहरी चोट लगी है.

सबसे बड़ी बात है कि पूरी वारदात चुनावी रंजिश की वजह से होना बताया गया है. वहीं आरोपी अनिल जायसवाल खुद भी शिक्षक है और अनिल जायसवाल के साथ जीवधन जायसवाल का पारिवारिक रंजिश भी लंबे समय से चला आ रहा है. परिजनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले में आरोपियों के मोबाइल का कॉल डिटेल भी जांच के दायरे में लिया जाए ताकि यह स्पष्ट हो जाए कि आरोपियों ने एक दूसरे से वारदात से पहले कितनी बार बातचीत की है और इसके अलावा और किन-किन लोगों से बात की है क्योंकि पूरी घटना को एक साजिश के बाद अंजाम दिया गया है. वहीं दूसरी तरफ पूरे मामले में प्रतापपुर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि पूरे मामले की पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वही सूरजपुर पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने भी मामले में कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है.

अब देखने वाली बात होगी कि आखिर पुलिस इस गंभीर मामले में कितनी बड़ी कार्रवाई करती है क्योंकि कई बार कड़ी कार्रवाई नहीं होने की वजह से आरोपियों के हौसले और बुलंद होते हैं जिससे आरोपी बड़ी घटनाओं को अंजाम देने से बाज नहीं आते हैं और फिर पुलिस सवालों के घेरे में आ जाती है.

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