फाइलेरिया की रोकथाम के लिए जिले में औषधी सेवन कार्यक्रम का शुभारंभ

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फाइलेरिया या रूमेटिक बुखार की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए सामुदायिक औषधि सेवन कार्यक्रम (एमडीए-2025) का उद्घाटन जिला कलेक्टर डॉ. शुभंकर महापात्र ने आज 10-08-2025 को एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, भवानीपुर, सुंदरगढ़ में किया

इस कार्यक्रम में सुरंजन साहू, सीडीओ और ईओ, डॉ. सुरेश चंद्र मोहंती, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. भक्त मोहन स्वाईं, ए.डी.पी.एच.ओ. (वीवीडी), भागीरथी पटेल, जिला कल्याण अधिकारी, सुंदरगढ़, संघमित्रा पाणिग्रही, अध्यक्ष, डॉ. राजेश हेम्ब्रम, अधीक्षक, मझपाड़ा, बिस्वेंबर बेहरा, डी.पी.एम. (एनएचएम), डॉ. धनेश्वरी जेना, विभागाध्यक्ष, पीएसएम उपस्थित थीं।



लिम्फेटिक फाइलेरियासिस (एलएफ) एक मच्छर जनित रोग है। यह संक्रमित क्यूलेक्स मच्छर के काटने से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसके लक्षण संक्रमण के 5 से 15 वर्ष बाद ही दिखाई देते हैं।



इस रोग की रोकथाम के लिए सरकार हर साल जन औषधि कार्यक्रम चलाती है। यदि समूह के सभी लोग एक ही समय पर दवा लेते हैं, तो उनके शरीर में मौजूद परजीवी एक ही समय पर मर जाते हैं, जिससे परजीवी संक्रमण काफी हद तक कम हो जाता है।

इस प्रकार, लगातार 5 वर्षों तक सर्वव्यापी औषधियों (डीईसी, आइवरमेक्टिन, एल्बेंडाजोल) का सेवन करने से शरीर में मौजूद परजीवी पूरी तरह से नष्ट हो जाते हैं। इस समय शरीर के सभी वयस्क कृमि भी मर जाते हैं, जिससे किसी के शरीर में परजीवी नहीं रहेंगे।



जिला कलेक्टर ने अह्वान किया है कि आइए हम सब मिलकर समुदाय-आधारित औषधियों का उपयोग करके सुंदरगढ़ जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग करें।

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