राउरकेला। पारिवारिक विवाद को लेकर फर्जी मुकदमे में जेल भेजे जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। बंडामुंडा थाना क्षेत्र के हरहर शम्भु चौधरी ने अपनी भाभी राजकुमारी चौधरी और उसके पति प्रेमलाल चौधरी पर साजिश रचकर झूठे मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस अधिकारियों की कथित मिलीभगत को लेकर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
आरटीआई से हुआ कथित साजिश का खुलासा
हरहर शम्भु चौधरी ने बताया कि दिनांक 01 फरवरी 2026 को उन्होंने पुलिस अधीक्षक, राउरकेला के समक्ष जन सुनवाई पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने आरटीआई से प्राप्त दस्तावेज, पुलिस जांच रिपोर्ट और एफआईआर का हवाला देते हुए कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा पूरी तरह फर्जी है।
पहले शिकायत, फिर उल्टा मुकदमा दर्ज होने का आरोप
हरहर शम्भु के अनुसार उन्होंने 19 सितंबर 2021 को राजकुमारी चौधरी के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे तत्कालीन थाना प्रभारी सुदर्शन पंडा ने अस्वीकार कर दिया। इसके अगले ही दिन राजकुमारी चौधरी द्वारा उनके खिलाफ बंडामुंडा थाना में एफआईआर संख्या 113/2021 दर्ज कराई गई, जिसमें फर्जी गवाह बनाए गए।
गिरफ्तारी और सूचना छुपाने के आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि 19 अक्टूबर 2021 को उन्हें फर्जी तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया और गिरफ्तारी की सूचना जानबूझकर परिजनों से छुपाई गई। अखबारों में गिरफ्तारी की जो जगह बताई गई, वह भी वास्तविकता से अलग थी।
एफआईआर की कहानी पर उठे सवाल
आरटीआई में सामने आई जानकारी के अनुसार, राजकुमारी चौधरी ने दावा किया था कि घटना के बाद उसने अपनी बहन इंद्रावती मंडल को बुलाया और इलाज के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई। जबकि पुलिस की ही जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि इंद्रावती मंडल नाम की कोई बहन मौजूद नहीं है। इसके अलावा जिस व्यक्ति बीमलाल चौधरी को गिरफ्तारी की सूचना दिए जाने की बात कही गई, वह व्यक्ति भी अस्तित्व में नहीं पाया गया।
नाम और पहचान को लेकर भी विरोधाभास
हरहर शम्भु का कहना है कि पुलिस ने यह मानने से भी इनकार कर दिया कि शंभु चौधरी और हरहर शम्भु चौधरी एक ही व्यक्ति हैं। जबकि उन्होंने इसके समर्थन में अधिवक्ता केसी बारीक द्वारा जारी नोटिस भी संलग्न किया है, जिसमें राजकुमारी चौधरी पर शंभु चौधरी के घर में रहते हुए झूठा मुकदमा दर्ज कराने का उल्लेख है।
एसपी से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायत के अंत में हरहर शम्भु चौधरी ने पुलिस अधीक्षक राउरकेला से मांग की है कि थाना प्रभारी सुदर्शन पंडा, उप निरीक्षक बालीया बारीक और राजकुमारी चौधरी के खिलाफ साजिश और झूठा मुकदमा दर्ज कराने को लेकर आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए और निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई की जाए।
अब यह देखना होगा कि पुलिस अधीक्षक स्तर से इस गंभीर आरोप पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या फिर एक बार फिर जांच रिपोर्ट के सहारे पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जाता है। पीड़ित को न्याय और दोषियों को सजा मिलती है या नहीं, इस पर पूरे मामले की निगाहें टिकी हुई हैं।
