पर्यावरण को संरक्षित रखने की दिशा में कदम उठाए प्रभावी कदम : राज्यपाल

By
Advertisement
Advertisement

राज्यपाल ने ली कोरबा के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक

कोरबा ।  छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल रमेन डेका ने अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने जिले में ट्राइबल लोगों के सामाजिक और आर्थिक विकास पर विशेष ध्यान देने, सड़क दुर्घटना के रोकथाम हेतु प्रभावी कदम उठाने, मादक पदार्थों के परिवहन, विक्रय, भंडारण को प्रतिबंधित करने, पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से प्रकति का संतुलन बनाए रखने, जल संचयन को बढ़ाने, पर्यटन को बढ़ावा देने, टीबी उन्मूलन जैसे अन्य योजनाओं का धरातल पर उचित क्रियान्वयन करने के निर्देश सभी अधिकारियों को दिए। जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति तक पहुँच सके।  इस अवसर पर कलेक्टर अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी, राज्यपाल के एडीसी स्क्वाड्रन लीडर निशांत कुमार, संयुक्त सचिव हिना अनिमेष नेताम, वनमण्डलाधिकारी कोरबा व कटघोरा अरविंद पीएम, कुमार निशांत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग, अपर कलेक्टर अनुपम तिवारी व मनोज बंजारे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में राज्यपाल रमेन डेका द्वारा एजेंडावार सभी बिंदुओं की समीक्षा की गई। उन्होंने जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा व बिरहोर वर्ग के लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए उन्हें शासकीय योजनाओं से प्राथमिकता से लाभांवित करने के निर्देश दिए साथ ही ट्राइबल्स लोगों का सामाजिक व आर्थिक विकास हेतु  विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं का लाभ दिलाने की बात कही। उन्होंने आदिवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने हेतु उन्हें उद्योग, कृषि, व्यापार जैसे अन्य व्यवसायों से भी जोड़ने की बात कही। कोरबा के आकांक्षी जिला होने के नाते केंद्र व राज्य प्रवर्तित योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक गम्भीरता से पहुँचाने एवं आमजनो के जीवन स्तर में बदलाव लाने हेतु निर्देशित किया।

राज्यपाल श्री डेका ने जिले में सड़क दुर्घटना से होने वाली जनहानि के रोकथाम हेतु जिला प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इस हेतु राष्ट्रीय व राजकीय राजमार्गो में दुर्घटना जन्य क्षेत्रो को चिन्हांकित करने, यथास्थानो पर संकेतक, स्पीड ब्रेकर लगाने एवं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क दुर्घटना से संलिप्त भारी वाहनो के मालिकों की बैठक लेकर उनके वाहन चालकों की समय-समय पर कॉउंसलिंग करने एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने व मादक पदार्थो का सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों पर कड़ाई से प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए। राज्यपाल श्री डेका ने मादक पदार्थों के सेवन के रोकथाम हेतु जिले में नशीली सामग्रियों के परिवहन, भण्डारण व विक्रय पर प्रतिबंध लगाने हेतु दंडात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने आमजनों में नशा त्याग हेतु अभियान चलाकर जनजागरूकता लाने की बात कही। साथ ही युवाओं में नशा से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी देने हेतु स्कूल, कॉलेज में नशामुक्ति अभियान चलाने के लिए कहा एवं जिले में संचालित नशा मुक्त केंद्रों का भी उचित संचालन कराने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन व भू-जल स्तर में वृद्धि हेतु अधिक से अधिक पौधरोपण करने व उनका उचित देखभाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में पेड़ों का अत्याधिक महत्व है एवं प्रकति का संतुलन बनाए रखने हेतु पौधरोपण आवश्यक है। उन्होंने गिरते भू जल स्तर में वृद्धि हेतु रेन वाटर हार्वेस्टिंग की उपयोगिता पर बल देते हुए शासकीय एवं निजी भवन निर्माण में तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अमृत सरोवर, जल जीवन मिशन अंतर्गत कार्यों के माध्यम से पेयजलापूर्ति और जल स्तर ऊपर उठाने की दिशा में कार्य करने हेतु निर्देशित किया।

बैठक में राज्यपाल ने शत प्रतिशत बालिकाओं और श्रमिको के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की बात कही। साथ ही विभिन्न योजनाओं के तहत प्रदान किए जाने वाले छात्रवृत्ति का लाभ पात्र परिवारों को दिलाने के लिए कहा। स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी लेते हुए जिले में टीबी, एनीमिया, कुष्ठ उन्मूलन की दिशा में कार्य करने और आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया। वर्ष 2025 तक जिले को टीबी मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य प्राप्ति हेतु कार्ययोजना तैयार कर कार्य करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए। राज्यपाल ने पीवीटीजी बाहुल्य बसाहटों में डोर टू डोर सर्वे कर उन्हें टीबी, कुष्ठ, एनीमिया जैसी बीमारियों के लक्षण व बचाव की जानकारी देकर जागरूक करने की बात कही। उन्होंने राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत योग शिविर आयोजित कर आमजनों को योग से होने लाभ के प्रति जागरूकता लाने एवं स्वस्थ जीवनशैली हेतु योग को अपने दिनचर्या में शामिल करने हेतु प्रेरित करने के लिए कहा। युवाओं में राष्ट्रीयता की भावना, नैतिक व चारित्रिक गुणों के विकास हेतु समुचित प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरबा में कोयला एल्युमिनियम, लीथियम जैसे खनिज पदार्थ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है। यहां नए उद्यम स्थापित करने हेतु अनेक सम्भावनाएं है। जिला प्रशासन को सार्वजनिक उपक्रमों के सहयोग से इच्छुक युवा उद्यमियों को स्टार्टअप प्रारम्भ करने हेतु मदद करने के लिए कहा। राज्यपाल ने जिला खनिज संस्थान न्यास मद के माध्यम से जिले के बुका, सतरेंगा, बांगो जैसे पर्यटन स्थलों में पर्यटकों हेतु सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए जिससे देश प्रदेश सहित पूरे विश्व में इन स्थलों की पहचान बने एवं देश विदेश से पर्यटक इन मनोरम स्थलों का आनंद उठाने पहुँचे। उन्होंने सभी अधिकारियों को आमजनों को शासकीय योजनाओं का लाभ पहुचाने के लिए योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन करने एवं पात्र लोगों को  लाभांवित करने के लिए गम्भीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले की उपलब्धियों एवं डीएमएफ के माध्यम से किए जा रहे नवाचार व विकास कार्यो के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएमएफ से शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनेक कार्य किए गए है। 521 मानदेय शिक्षकों एवं पीवीटीजी वर्ग के 249 शिक्षित युवाओं को चतुर्थ श्रेणी के पद पर  नियोजित किया गया है। स्कूल, आश्रम छात्रावास व आंगनबाड़ियों में भोजन तैयार करने हेतु गैस सिलेंडर व रिफलिंग की व्यवस्था की गई है। माध्यमिक व पूर्व माध्यमिक शालाओं में विद्यालय से पूर्व गर्म पौष्टिक नास्ता प्रदाय किया जा रहा है। 100 प्रतिभावान छात्र छात्राओं को नीट व जेईई जैसे एंट्रेंस एग्जाम की प्रतिष्ठित संस्थान निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है। अनेक भवन विहीन स्कूल आंगनबाड़ी स्वास्थ्य केंद्रों हेतु नए भवन का निर्माण सहित अन्य विकास कार्य कराया जा रहा है। इसी प्रकार सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी गई।

 

Advertisement
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *