पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में राधा कृष्ण रुप सज्जा प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

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मुख्य अतिथि जर्नलिस्ट  ऋषिकेश सिंहदेव ने कहा छात्र कर्मयोगी बने,

छात्र पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और मोबाइल से दूर रहें

चक्रधरपुर। पंप रोड स्थित  पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शत्रुघ्न नगर में शनिवार को विद्यालय स्तरीय राधा- कृष्ण रुप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दैनिक भास्कर के ब्यूरो प्रमुख ऋषिकेश सिंहदेव, विद्यालय प्रबंध कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष राकेश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष दमयंती नाग, मोहन कच्छप, रवि कुमार बांकिरा पूर्व वार्ड पार्षद प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान ने संयुक्त रुप से भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया। अतिथियों का परिचय प्रधानाचार्य आनंद चंद्र प्रधान द्वारा कराया गया एवं अध्यक्ष द्वारा अतिथि को अंग वस्त्र एवं श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में राधा- कृष्ण रुप सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका उदेश्य छात्र – छात्राओं में  राधा कृष्ण के आचरण विचारधारा का भाव भरना है।

कार्यक्रम में कुल 45 प्रतिभागियों ने राधा- कृष्ण एवं बलराम रुप सज्जा प्रतियोगिता में भाग लिया । इस कार्यक्रम में निर्णायक मंडली में दैनिक भास्कर के ब्यूरो प्रमुख ऋषिकेश सिंहदेव समिति के उपाध्यक्ष दमयंती नाग, मोहन कच्छप, पूर्व पार्षद रवि कुमार बांकिरा द्वारा प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले नामों की घोषणा की गई । 

जिसमें कृष्ण की रुप में प्रथम स्थान पर पप्पू तांती, द्वितीय स्थान पर मनकृत मुखी, तृतीय स्थान पर नयन प्रधान वहीं राधा के रुप में प्रथम स्थान पर वैष्णवी तांती, द्वितीय स्थान पर रानी जामुदा, तृतीय स्थान पर आशिका दास ने प्राप्त किया।  इस विजेता प्रतिभागी प्रबंध कारिणी के उपाध्यक्ष दमयंती नाग जी की सौजन्य से  मोमेंटो एवं मेडल भेंट किया गया। जो मुख्य अतिथि ,।

समिति एवं अभिभावकों के द्वारा पुरस्कृत किया गया।  मौके पर मुख्य अतिथि श्री  सिंहदेव ने भैया- बहनों को संबोधित करते हुए कहा की  छात्र कर्मयोगी बने। भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को सब त्याग कर कर्मयोगी बनने की सीख दी थी। उन्होंने छात्रों को केवल पढ़ाई में ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा की आज जो मैं यहाँ पर खड़ा हूँ अपने ज्ञान और मेहनत के बल पर पहुँचा।

आपसब भी अभी से मेहनत करके असीम  ज्ञान अर्जन करने का प्रयास करें तभी आप देश के बड़े बड़े पद यथा आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर बन पाएंगे। इसके लिए कुछ चीजों का त्याग करना होगा। उन्होंने कहा की मौजूदा समय में मोबाइल सबसे बड़ा बाधक बना हुआ है। मोबाइल से दूर रहने का प्रयास करें। इसका सदुपयोग करें। कार्यक्रम का संचालन सौभिक घटक ने किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में जय श्री दास, शांति देवी मीना कुमारी, रेणुका प्रधान, संदीप महतो, निशा किरण बानरा,  सौभिक घटक, हरि शर्मा, सनत प्रधान , चांदनी जोंको, जयंती तांती आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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