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नारायणपुर जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर दुर्घटनाजन्य स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों को तुरंत सुधारात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए।
दुर्घटना रोकथाम के लिए किए गए प्रमुख निर्णय
- सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को नजदीकी अस्पताल तक तत्काल पहुँचाने की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश।
- शैक्षणिक संस्थानों और प्रमुख चौक–चौराहों पर आवश्यकतानुसार स्टापर लगाए गए।
- शहर में घूमने वाले मवेशियों के गले में रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाने के आदेश, ताकि रात में दुर्घटना की आशंका कम हो।

ट्रैफिक नियम उल्लंघन पर सख्ती
- बिना लाइसेंस, तेज रफ्तार, ट्रिपल सवारी, बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश।
- शहर के प्रमुख चौराहों पर विशेष चेकिंग अभियान शुरू किया गया है।

भारी वाहनों पर नियंत्रण
- नो-एंट्री समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
- भारी वाहनों में आगे और पीछे रेडियम और सांकेतिक लाइट लगाना अनिवार्य किया गया है।

अव्यवस्थित पार्किंग पर रोक
- शहर में सड़क किनारे अवैध और असुरक्षित तरीके से वाहन पार्क करने पर प्रतिबंध।
- उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई के निर्देश।
नशे में वाहन चलाने पर कार्रवाई
- नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं।

पुलिस अधीक्षक की अपील
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि नागरिक सुरक्षित एवं जिम्मेदार तरीके से वाहन चलाएं और सभी यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें। उन्होंने कहा कि सुगठित यातायात व्यवस्था किसी भी समाज के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक विकास की आधारशिला है। सड़क सुरक्षा आज एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी बन चुकी है, जिसका पालन प्रत्येक व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।
नारायणपुर पुलिस की आम जनता से अपील
नागरिक—
- निर्धारित गति से वाहन चलाएँ,
- ट्रैफिक सिग्नल, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य उपयोग करें,
- सड़क दुर्घटना होने पर घायल को तुरंत अस्पताल पहुँचाएँ,
- नशे का सेवन या मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन न चलाएँ,
- और पैदल यात्रियों एवं दूसरे वाहनों का पूरा ध्यान रखते हुए सड़क पर चलें।
प्रशासन का कहना है कि इन नियमों के पालन से जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।


