जिले के दो स्वास्थ्य केन्द्रों को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र

Advertisement

बलरामपुर 11 जनवरी 2025/ केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवा और मरीजों को बेहतर ईलाज उपलब्ध कराने वाले जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डीपाडीहकला व आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवली को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान किया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बसंत कुमार सिंह ने बताया कि कलेक्टर श्री राजेन्द्र कटारा के निर्देशन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में जिले में स्वास्थ्य सुविधा का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। जिसके तहत जिले के दो स्वास्थ्य केन्द्रों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र मिला है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र हासिल करने वाले स्वास्थ्य केन्द्रों के चिकित्सक और मेडिकल स्टॉफ को बधाई देते हुए कहा की जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि आगे भी अपनी उत्कृष्टता बरक़रार रखते हुए मरीजों की सेवा करेंगे और जिले के दूसरे अस्पतालों के लिए नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। डॉ. सिंह ने कहा की सरकार का लक्ष्य सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को गुणवत्ता मानक पर खरा उतरने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाणित करने की योजना है।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री स्मृति एक्का ने कहा की पूर्व में जिले में 04 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 01 आयुष्मान केंद्र राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण पत्र प्राप्त किये है। अब यह संख्या बढकर 07 हो गयी है और अभी 02 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का वर्चुअल विडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आंकलन हुआ है। उन्होंने बताया की केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने वर्ष 2024 माह दिसम्बर व वर्ष 2025 माह जनवरी में मरीजों के लिए उपलब्ध सेवाआंे की गुणवत्ता का परीक्षण किया था जिसमें माह दिसम्बर 24 में परीक्षण में दो स्वास्थ्य केंद्र जिसमे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डीपाडीहकला व आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवली का रिजल्ट प्राप्त हुआ है।

जिसमंे डीपाडीहकला को 92.80 व केवली को 90.72 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ है। सुश्री स्मृति एक्का ने बताया की राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान करने के पूर्व विशेषज्ञों की टीम द्वारा अस्पताल की सेवाओ और संतुष्टि स्तर का विभिन्न मानकों पर परीक्षण किया जाता है, इनमे उपलब्ध सेवाएं, मरीजों का अधिकार, इनपुट, सपोर्ट सर्विस, क्लीनिकल सर्विसेस, इन्फेक्शन कण्ट्रोल, गुणवत्ता प्रबंधन और आउटकम जैसे पैरामीटर शामिल है। इन मानकों पर खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुणवत्ता प्रमाण-पत्र जारी किये जाते हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *