गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। तहसील सकोला के हल्का क्रमांक 03 (ग्राम सेखवा व मड़ई) के पटवारी राहुल फानसे पर किसानों ने गंभीर आरोप लगाते हुए तत्काल निष्कासन की माँग की है। भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ प्रदेश (जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कहा कि पटवारी लंबे समय से मुख्यालय से अनुपस्थित रहते हैं और जनता के कामों में लापरवाही बरतते हैं।
कामकाज में टालमटोल का आरोप
किसानों ने आरोप लगाया कि पटवारी दफ्तर में कम ही रहते हैं और काम टालने के लिए मीटिंग में होने का बहाना बना देते हैं। इसकी वजह से आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र जैसे आवश्यक दस्तावेज़ समय पर जारी नहीं हो पाते।
₹10 से ₹15 हज़ार तक की रिश्वत की माँग
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि फौती नामांतरण, बंटवारा, डिजिटल हस्ताक्षर और बिक्री पत्रक चौहद्दी जैसे राजस्व कार्यों के लिए किसानों से ₹10,000 से ₹15,000 तक की अवैध माँग की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई और मजदूरी पर निर्भर परिवारों पर आर्थिक संकट बढ़ रहा है।
पंचायत सरपंच और ग्रामीणों का समर्थन
इस ज्ञापन में ग्राम सेखवा पंचायत के सरपंच सहित बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने भी हस्ताक्षर किए हैं। किसान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि पटवारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने पर विवश होंगे।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्रीय राजस्व कार्यों को सुचारु बनाने के लिए पटवारी को तत्काल हटाया जाए और जाँच की जाए। संगठन ने कहा कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
गौरेला पेंड्रा मरवाही: ₹15 हज़ार लिए बिना काम नहीं करता” – पटवारी राहुल फानसे पर किसानों का आरोप,प्रशासन से कार्रवाई की माँग
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