खरसिया: अधिग्रहित भूमि छोड़कर नाली निर्माण का विवाद, क्षेत्रवासी पहुंचे SDM कार्यालय

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खरसिया: अधिग्रहित भूमि के बजाय निजी भूमि के पास नाली निर्माण का आरोप

खरसिया के वार्ड क्रमांक 08 और 16 के बाईपास क्रमांक–2 में नगर पालिका द्वारा बनाई जा रही नाली को लेकर क्षेत्रवासियों ने विरोध जताया। उनका आरोप है कि नाली निर्धारित शासकीय भूमि को छोड़कर निजी भूमिस्वामी के नजदीक बनाई जा रही है, जिससे शासकीय भूमि पर कब्जे का खतरा उत्पन्न हो गया है।


2011 में अधिग्रहित भूमि पर निर्माण का उद्देश्य

वर्ष 2011 में लोक निर्माण विभाग ने सड़क के मध्य से 40–40 फीट भूमि दोनों ओर अधिग्रहित की थी। प्रभावित भूमिस्वामियों को विधिवत मुआवजा प्रदान किया गया था। इसका उद्देश्य था कि भविष्य में सड़क 80 फीट चौड़ी बने और दोनों ओर नाली शासकीय भूमि पर ही बने।


नाली का गलत स्थान और संभावित लाभ निजी भूमि को

क्षेत्रवासियों के अनुसार, वर्तमान में नाली सड़क के मध्य से मात्र 15 फीट की दूरी पर बनाई जा रही है, जबकि शासकीय भूमि उससे लगभग 25 फीट आगे है।
इससे निजी भूमिस्वामी को सीधे लाभ पहुँचने की आशंका है और भविष्य में 80 फीट सड़क निर्माण की योजना प्रभावित हो सकती है।


SDM खरसिया में शिकायत और मांगें

क्षेत्रवासियों ने SDM खरसिया को आवेदन सौंपकर निम्नलिखित मांगें की हैं:

  1. नाली निर्माण को तत्काल रोकना।
  2. अधिग्रहित शासकीय भूमि पर ही निर्माण सुनिश्चित करना।
  3. पूरी चौड़ाई में बाईपास रोड को संरक्षित रखना।

शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, विधायक श्री उमेश पटेल, कलेक्टर रायगढ़ और मुख्य नगर पालिका अधिकारी खरसिया को भी भेजी गई है।


क्षेत्रवासियों की उम्मीद

क्षेत्रवासियों ने आशा जताई है कि प्रशासन सार्वजनिक हित के मुद्दे पर शीघ्र हस्तक्षेप करेगा और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

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