कोयला घोटाले में निलंबित IAS अधिकारी रानू साहू और व्यापारी सूर्यकांत तिवारी की मुश्किलें बढ़ी, हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की

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बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कथित कोयला घोटाले के मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी रानू साहू और कोयला व्यापारी सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया है। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने यह फैसला सुनाया। इससे पहले, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की निचली अदालत ने भी रानू साहू की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

ईडी ने आरोप लगाया है कि रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी ने 570 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली की। इस मामले में अब तक 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता के वकील ने इन आरोपों को निराधार बताया, जबकि ईडी ने दावा किया कि घोटाले से जुड़े और भी साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, ईडी और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने रानू साहू, सौम्या चौरसिया और समीर बिश्नोई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में जांच शुरू की है। ईडी का आरोप है कि कोयला परिचालन और परमिट प्रक्रिया में गड़बड़ी के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर अवैध वसूली की गई।

मुख्य बिंदु:

  • जमानत याचिका खारिज: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रानू साहू और सूर्यकांत तिवारी की जमानत याचिकाएं खारिज की।
  • आरोप: 570 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध वसूली का आरोप।
  • एफआईआर: अब तक 36 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
  • साक्ष्य: ईडी का दावा, घोटाले से जुड़े और साक्ष्य प्रस्तुत किए जाएंगे।
  • मामले की जांच: ईडी और EOW ने रानू साहू के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई शुरू की।

इस मामले में आगे और साक्ष्य प्रस्तुत होने की संभावना है, जो जांच को और भी प्रभावित कर सकते हैं।

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