कटरा, उषाढ़ और बेलझिरिया क्षेत्रों में कांग्रेस द्वारा आयोजित मनरेगा बचाव कार्यक्रम को व्यापक जनसमर्थन मिला। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली। इस दौरान आमजन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार गरीबों के अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है और मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना को कमजोर किया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष ग़ज़मती भानु ने कहा कि मनरेगा गरीब, मजदूर और ग्रामीण परिवारों की जीवनरेखा है, लेकिन मोदी सरकार इसे खत्म करने की साजिश कर रही है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार लगातार मनरेगा के बजट में कटौती कर रही है, जिससे मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी नहीं मिल पा रही है।
जिला गौरेला–पेंड्रा–मरवाही कांग्रेस ने मनरेगा को लेकर अपनी प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक परिवार को वर्ष में कम से कम 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार, मजदूरों को समय पर भुगतान और मजदूरी में सम्मानजनक वृद्धि शामिल है। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल रोजगार का नहीं, बल्कि मजदूरों के सम्मान, स्वाभिमान और आजीविका सुरक्षा के अधिकार की लड़ाई है।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. के.के. ध्रुव, जिला अध्यक्ष ग़ज़मती भानु, ममता पावेल, पंकज तिवारी, नारायण शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष दया वाकरे, प्रीति मांझी, राकेश मसीह, शुभम पेद्रो, विनय चौबे, रियांश सोनी, शैलेन्द्र यादव, चंद्रभान सिंह, महिपत सिंह, जगदीश खत्री, जनपद सदस्य राम बाई, सुनीता त्रिमोति, गीता चौधरी, नारायण श्रीवास, मास्को सर, दयाराम, शारदा सिंह गौतम सहित कांग्रेस प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह बघेल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा को कमजोर करने की कोशिशें नहीं रोकी गईं, तो यह मनरेगा बचाव संग्राम और अधिक तेज किया जाएगा।
कटरा/उषाढ/बेलझिरिया में कांग्रेस की मनरेगा बचाव कार्यक्रम में व्यापक जनसमर्थन मिला
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