आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सरगुजा की बहुप्रतीक्षित मांग होगी पूरी, जुड़ेगा हवाई सेवा से, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा का करेंगे वर्चुअल लोकार्पण

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सरगुजा सम्भाग क्षेत्र में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा, क्षेत्र में आवागमन की सुविधा के साथ क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

सरगुजा क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी होने जा रही है। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र सरगुजा हवाई सेवा से जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी 20 अक्टूबर, रविवार को मां महामाया एयरपोर्ट अम्बिकापुर का वर्चुअल रुप से लोकार्पण कर सरगुजावासियों को यह सौगात देंगे। हवाई सेवा से जुड़ने से सरगुजा सम्भाग के समस्त जिलों सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। विमान सेवा से जुड़ने पर सरगुजा सम्भाग क्षेत्र में पर्यटन, वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा व आवागमन की सुविधा के विस्तार के साथ क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

मां महामाया एयरपोर्ट दरिमा ऐसे हुआ देश के हवाई नक्शे में शामिल-*
प्राप्त जानकारी अनुसार मां महामाया एयरपोर्ट, अंबिकापुर में लगभग 80 करोड़ की लागत से कार्य किए गए हैं। दरिमा हवाई पट्टी का निर्माण वर्ष 1950 में हुआ था, इसे प्रारंभिक दौर में डब्लु.बी.एम. सतह से निर्मित किया गया था, जिसकी लंबाई 1200 मीटर थी। यह हवाई पट्टी अम्बिकापुर शहर से 13 कि.मी. की दूरी पर दरिमा ग्राम में निर्मित है। इसका सम्पूर्ण क्षेत्रफल 365 एकड़ है एवं यह हवाई पटटी समुद्र तल से 1924 फीट ऊंचाई में स्थित है।

इस हवाई पट्टी पर कई महान हस्तियों का आगमन हो चुका है, वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आगमन इस हवाई पट्टी में हो चुका है। वर्ष 2012-13 में भारत सरकार की उड़ान योजना अंतर्गत रिजनल कनेक्टिविटी सर्विस के अंतर्गत अम्बिकापुर हवाई पट्टी को हवाई अड्डे में उन्नयन किए जाने हेतु शामिल किया गया था। इसके तहत हवाई पट्टी का उन्नयन वर्ष 2014 में किया गया, जिसमें डामरीकरण की सतह को 15 मीटर चौड़ाई से बढ़ाकर 30 मीटर चौड़ा किया गया तथा टर्मिनल भवन का उन्नयन 20 यात्रियों के आवागमन हेतु कराया गया, जो कि छोटे विमान सेवा (20 सीटर) हेतु अनुकूल था, किंतु शासन द्वारा वर्ष 2021 को आगामी समय की मांग को देखते हुए निर्णय लिया गया कि इस हवाई अड्डे का विकास 3 सीव्हीएफआर के मानकों के अनुरूप किया जाये।

इसके उपरांत हवाई अड्डे के विकास हेतु रूपये 46.27 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति लोक निर्माण विभाग को जारी की गई जिसके तहत लोक निर्माण विभाग के द्वारा दिसंबर 2021 से उन्नयन कार्य 3 सीव्हीएफआर के अनुरूप प्रारंभ किया गया। लोक निर्माण विभाग के द्वारा अप्रैल 2023 को कार्य को पूर्ण कराकर लाइसेंस हेतु आवेदन किया गया, जिसके तहत डीजीसीए के द्वारा मई 2023 को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत पूर्ण औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुए डीजीसीए के द्वारा 15 मार्च 2024 को एरोड्रम लाईसेंस जारी किया गया। रनवे को लम्बाई 1500 मी. से बढ़ाकर 1800 मी. किया गया।

इन तकनीकों से लैस होगा एयरपोर्ट
रनवे की लम्बाई 1500 मीटर  से बढ़ाकर 1800 मीटर किया गया। रनवे के मजबूतीकरण हेतु पीसीएन को बढ़ाकर 25 किया गया जिसे एटीआर 72 के अनुरूप किया गया। नये एपरोन को 110 मी.×127 मी. का बनाया गया जो कि एक साथ 2 एटीआर 72 हवाई जहाज को खड़ा करने हेतु उपयुक्त है। इसके साथ आईसोलेशन वे, दोनों तरफ आरईएसए एवं 25×150 मीटर के दो टैक्सी-वे का निर्माण किया गया है।

इसके साथ ही पैरीमीटर रोड एवं अन्य एप्रोच रोड का डामरीकरण कार्य कराया गया। पूर्ण क्षेत्रफल लगभग 8 कि.मी. की लम्बाई में बाउण्ड्रीवाल की ऊंचाई 1.5 मीटर से बढ़ाकर 3.2 मीटर की गई। सारे आंतरिक मार्गों का डामरीकरण एवं रोड फर्नीचरिंग एवं मार्किंग का कार्य कराया गया। टर्मिनल भवन का उन्नयनीकरण 20 यात्रियों से बढ़कर 72 यात्रियों के अनुरूप किया गया। एटीसी ऑफिस, एमईटी ऑफिस, एसीसीआर रूम, फायर स्टोर, इलेक्ट्रीकल पैनल रूम अन्य अधोसंरचना के कार्य कराये गये हैं।

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