AAP के 7 सांसदों ने क्यों छोड़ी पार्टी…राघव चड्ढा ने बताई वजह, संजय सिंह बोले…’पंजाब में शुरू हुआ ऑपरेशन लोटस’

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नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी में हुए एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में राज्यसभा के 10 सांसदों में से राघव चड्ढा समेत सात सांसद भाजपा में शामिल हो गए. बता दें कि, आम आदमी पार्टी (AAP) के तीन राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भाजपा मुख्यालय में मुलाकात की.

इससे पहले राघव चड्ढा ने संदीप पाठक और अशोक मित्तल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि AAP के राज्यसभा के 10 सांसदों में से दो-तिहाई (7) सांसद भाजपा में विलय कर रहे हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा, “हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हुए खुद को भाजपा के साथ विलय कर रहे हैं. अंदरखाने ये भी खबर है कि आज ही से आमआदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पक्ष में वोट मांगने जा रहे थे और यही वजह है कि भाजपा में आने के लिए इन सांसदों ने शुक्रवार का दिन चुना.

शुक्रवार का दिन दिल्ली में राजनीतक हलचल का दिन रहा, जहां आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद (राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल) ने भाजपा में विलय सम्बन्धित कागजात राज्यसभा के उपसभापति को सौंपा. इसके बाद 3 सांसद जिनमें राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस विलय की जानकारी दी और उसके बाद इन तीनों सांसदों ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात भी की.

राघव चड्ढा ने बताया कि उन्होंने सुबह ही राज्यसभा सभापति को हस्ताक्षरित पत्र और दस्तावेज सौंप दिए हैं. राघव चड्ढा ने AAP से दूरी बनाने का कारण बताते हुए कहा कि, जिस आम आदमी पार्टी को उन्होंने अपने खून-पसीने से सींचा है और अपनी जवानी के 15 साल दिए हैं, वह अब पूरी तरह से अपने सिद्धांतों, मूल्यों और नैतिकता से भटक गई है. उन्होंने कहा कि, पार्टी अब देश या राष्ट्रहित के लिए नहीं, बल्कि व्यक्तिगत लाभ के लिए काम कर रही है.

राघव चड्ढा ने कहा, “कई सालों से लोग मुझे कहते रहे हैं और मैं खुद भी महसूस करता था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. आज मैं आम आदमी पार्टी से दूरी बना रहा हूं और जनता के करीब जा रहा हूं.”

उन्होंने आगे कहा, “मैं उनके अपराधों का हिस्सा नहीं बनना चाहता था. मेरी दोस्ती उनके अपराधों का हिस्सा बनने के लिए नहीं थी. हमारे पास सिर्फ दो विकल्प थे, या तो राजनीति छोड़कर 15-16 साल का जन-सेवा का काम छोड़ देना या फिर अपनी ऊर्जा और अनुभव से सकारात्मक राजनीति करना. इसलिए हमने फैसला लिया है… AAP अब भ्रष्ट और समझौता कर चुकी है.”

प्रेस कॉन्फ्रेंस के तुरंत बाद तीनों सांसद भाजपा मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की. इसे AAP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. इन सांसदों की भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात लगभग एक घंटे से भी ज्यादा चली. AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “BJP ने फिर से पंजाबियों के साथ धोखा किया.”

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “भाजपा ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली AAP सरकार के अच्छे कामों में बाधा डालने का काम किया है. 7 आप राज्यसभा सांसद भाजपा में जा रहे हैं, पंजाब की जनता इन 7 नामों को याद रखेगी. पंजाब की जनता उन्हें कभी नहीं भूलेगी.” उन्होंने इसे भाजपा, नरेंद्र मोदी और अमित शाह द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा भी बताया और पंजाब सरकार के कामों को रोकने की साजिश भी करार दिया.

हालांकि ये बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब पश्चिम बंगाल में एक चरण का चुनाव अभी बाकी है और खुद भाजपा के विरोध अरविंद केजरीवाल वहां चुनाव प्रचार करने पहुंच रहे थे ऐसे में राजनीति में इतनी बड़ी उलटफेर को लेकर कई और कायसबाजियां भी शुरू हो गईं हैं.

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