पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची विवाद: 91 लाख नाम हटाने पर ममता बनर्जी का चुनाव आयोग और केंद्र पर हमला, अदालत जाने की तैयारी

By
Advertisement
Advertisement

कोलकाता। West Bengal की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस फैसले को लेकर एक बार फिर अदालत का रुख करेगी।

SIR प्रक्रिया के बाद 91 लाख नाम हटाने का दावा
राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद करीब 90.83 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। यह आंकड़ा राज्य के कुल मतदाताओं का लगभग 11.85 प्रतिशत बताया जा रहा है। इस फैसले पर विपक्ष ने गंभीर आपत्ति जताई है।

लोकतंत्र और वोटिंग अधिकार पर सवाल
ममता बनर्जी ने कहा कि हर नागरिक का मतदान अधिकार सुरक्षित रहना चाहिए और यदि लोगों को वोट देने से वंचित किया जाता है, तो यह गंभीर संवैधानिक मुद्दा बन जाता है। उन्होंने दावा किया कि यह प्रक्रिया उनकी पार्टी को कमजोर करने के उद्देश्य से की जा रही है।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में हेरफेर की कोशिशें की जा रही हैं और लोगों को प्रभावित करने के लिए गलत तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

जनसभाओं में भाजपा पर भी तीखे हमले
हुगली जिले के आरामबाग और बालागढ़ में आयोजित रैलियों में उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव के जरिए मतदाता सूची को प्रभावित किया जा रहा है और राज्य की सांस्कृतिक पहचान, भाषा और खानपान पर भी असर डालने की कोशिश हो रही है।

Advertisement
Share This Article