भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी, इस हफ्ते 5 बड़े ट्रिगर्स तय करेंगे बाजार की दिशा

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नई दिल्ली | भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा, जहां निफ्टी और सेंसेक्स लगातार छठे सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक तनाव और घरेलू आर्थिक कारणों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजरें इस सप्ताह आने वाले पांच बड़े ट्रिगर्स पर टिकी हैं, जो बाजार की दिशा तय करेंगे।

आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक सबसे अहम घटना
नए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली मौद्रिक नीति समिति (MPC) बैठक 6 से 8 अप्रैल तक आयोजित होगी। 8 अप्रैल को आरबीआई गवर्नर के फैसले पर बाजार की नजर रहेगी। महंगाई और कच्चे तेल की कीमतों के बीच ब्याज दरों और लिक्विडिटी पर आरबीआई का रुख निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया की स्थिति
पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब और गंभीर होता दिख रहा है। डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार की धारणा पर पड़ सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने से ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं, जो युद्ध से पहले लगभग 72 डॉलर के स्तर पर थीं। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए यह स्थिति महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ा सकती है।

रुपये में अस्थिरता और आरबीआई की निगरानी
पिछले सप्ताह रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरने के बाद कुछ हद तक मजबूत हुआ, लेकिन अस्थिरता बनी हुई है। आरबीआई की ओर से किए जा रहे हस्तक्षेप पर बाजार की नजर बनी रहेगी।

एफआईआई की रिकॉर्ड बिकवाली बनी चिंता का कारण
मार्च महीने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय बाजार से लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड बिकवाली की। लगातार बिकवाली जारी रहने पर बाजार में रिकवरी की गति धीमी रह सकती है।

इन सभी कारकों के बीच निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार की दिशा पूरी तरह इन ट्रिगर्स पर निर्भर करेगी।

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