माधौगढ़ (जालौन): जालौन जिले की तहसील माधौगढ़ और विकास खंड नदीगांव के अंतर्गत आने वाले शांत और खुशहाल गांव *रोरा मानपुरा* में इन दिनों भारी आक्रोश का माहौल है। गांव में नई शराब की दुकान खोले जाने के प्रस्ताव के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपने गांव की शांति और युवाओं का भविष्य बर्बाद नहीं होने देंगे। उक्त मामले की शुरुआत दो दिन पहले हुई, जब ग्रामीणों को भनक लगी कि मानपुरा में एक नई शराब की दुकान खुलने जा रही है। इसके लिए गांव के मुख्य रोड के किनारे बनी कुछ दुकानों को किराए पर लेने की प्रक्रिया चल रही है। सूचना मिलते ही ग्रामीण सक्रिय हो गए।
उन्होंने तुरंत संबंधित दुकान मालिक से संपर्क कर विनम्रतापूर्वक निवेदन किया कि वह अपनी दुकान शराब के ठेके के लिए किराए पर न दे। इसके साथ ही ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी भी दी है कि यदि निजी स्वार्थ में दुकान शराब के लिए भाड़े पर दी गई, तो समस्त ग्रामवासी सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे, जिसकी जिम्मेदारी दुकान मालिक और स्थानीय प्रशासन की होगी। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों का दर्द और आक्रोश साफ देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा:
> “हमारा एक छोटा सा, हरा-भरा और खुशहाल गांव है। अगर यहाँ शराब की दुकान खुली, तो गांव की सुख-शांति पूरी तरह भंग हो जाएगी। शराब के नशे में रोज लड़ाई-झगड़े होंगे, जिससे महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी।” ग्रामीणों ने नई पीढ़ी के भविष्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जो बच्चे आज हाथों में किताबें लेकर स्कूल जा रहे हैं, शराब के माहौल के कारण कल उनके हाथों में कटोरा आ जाएगा। शराबखोरी गांव के गरीब परिवारों को बर्बादी की कगार पर धकेल देगी।
इस विरोध प्रदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं समेत सैकड़ों की तादाद में लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने गगनभेदी नारे लगाकर शासन और प्रशासन से मांग की है कि इस जनविरोधी फैसले को तुरंत रोका जाए। ग्रामीणों का संकल्प है कि जब तक प्रशासन इस दुकान को निरस्त करने का लिखित आश्वासन नहीं देता, उनका यह शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर इसे और बड़ा रूप दिया जाएगा।




