आर्थिक स्थिति बनी पढ़ाई में बाधा तो शिक्षकों और प्रशासन ने बढ़ाया मदद का हाथ, जनप्रतिनिधि ने उपलब्ध कराई पढ़ाई की सामग्री
पेण्ड्रा, 27 अगस्त 2026। दूरस्थ ग्राम डाहीबहरा की बालिका उर्मिला बैगा को आगे की पढ़ाई जारी रखने के लिए पीएम श्री सेजेस हिंदी माध्यम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेण्ड्रा में प्रवेश दिलाया गया है। साथ ही बालिका को पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास पेण्ड्रा में भी भर्ती कराया गया, ताकि आर्थिक और आवासीय परेशानी के कारण उसकी पढ़ाई बाधित न हो।
कक्षा 11वीं की पढ़ाई में आ रही थी परेशानी
उर्मिला बैगा ग्राम पंचायत डाहीबहरा, विकासखंड गौरेला की रहने वाली हैं। उनके पिता रामचरण बैगा कृषि मजदूरी करते हैं। उर्मिला पिछले सत्र में हाई स्कूल अंधियारखोह में कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रही थीं। विद्यालय में केवल हाई स्कूल स्तर तक की कक्षाएं संचालित होने के कारण 10वीं तक पढ़ाई में परेशानी नहीं थी, लेकिन आगे हायर सेकेंडरी की पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे स्थान पर जाना पड़ता।
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बाहर रहकर पढ़ाई करना उर्मिला के लिए संभव नहीं था। ऐसे में उनकी आगे की शिक्षा जारी रहने पर संकट खड़ा हो गया था।
प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी को दी जानकारी
बालिका की समस्या की जानकारी शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सरकारी पारा की प्राचार्य मोनिका जैन को मिली। उन्होंने मामले की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी को दी।
जिला शिक्षा अधिकारी के मार्गदर्शन में प्राचार्य मोनिका जैन और बालिका शिक्षा कार्यक्रम की जिला समन्वयक सरस्वती यादव ने पहल करते हुए उर्मिला बैगा को पीएम श्री सेजेस हिंदी माध्यम शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पेण्ड्रा पहुंचाया। यहां प्रवेश फार्म भरवाकर बालिका को कक्षा 11वीं में प्रवेश दिलाया गया।
प्रवेश शुल्क से लेकर पढ़ाई की सामग्री तक मिली मदद
उर्मिला का प्रवेश शुल्क प्राचार्य मोनिका जैन द्वारा वहन किया गया। वहीं नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राकेश जलान ने बालिका को ड्रेस, ब्राउजर, पुस्तकें, कॉपी और जूते उपलब्ध कराए।
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने उर्मिला को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए शुभकामनाएं दीं।
छात्रावास में भी कराया गया प्रवेश
उर्मिला की पढ़ाई आगे भी बिना किसी परेशानी के जारी रहे, इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने उनका पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास पेण्ड्रा में भी प्रवेश कराया। इससे बालिका को रहने की सुविधा मिल सकेगी और वह अपनी आगे की शिक्षा पूरी कर सकेगी।
बालिकाओं की शिक्षा को पूरा कराने में जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के सहयोग से उर्मिला को नई राह मिली है। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
ये रहे मौजूद
इस दौरान राकेश चतुर्वेदी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी पेण्ड्रा आरएन चंद्रा, बालमुकुंद अग्रवाल, आलोक शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।




