QR कोड स्कैन कर श्रद्धालुओं ने ली जागरूकता संदेश वाली सेल्फी, सोशल मीडिया के जरिए फैलाया साइबर सुरक्षा का संदेश
बिलासपुर। साइबर अपराधों की रोकथाम और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 16 अगस्त 2026 को रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया मंदिर परिसर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
एसएसपी ने QR कोड स्कैन कर शुरू किया अभियान
जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भा.पु.से.) ने QR कोड स्कैन कर ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान की शुरुआत की थी। उन्होंने स्वयं सेल्फी लेकर आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं ने लिया अभियान में हिस्सा
अभियान के तहत रतनपुर पुलिस ने महामाया मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए। मंदिर परिसर में लगाए गए QR कोड को श्रद्धालुओं ने अपने मोबाइल से स्कैन किया और जागरूकता संदेश वाली सेल्फी फ्रेम में तस्वीर लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।
इस अभियान में बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे कार्यक्रम में लोगों की सहभागिता देखने को मिली।
OTP और बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की अपील
पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। OTP, बैंक खाता, ATM कार्ड और अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील भी की गई।
एक व्यक्ति की जागरूकता दूसरे को बचा सकती है
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जिस तरह देश की आजादी के लिए करोड़ों देशवासी एकजुट हुए थे, उसी तरह साइबर अपराध के खिलाफ भी सामूहिक जागरूकता जरूरी है। एक व्यक्ति की सतर्कता और जागरूकता दूसरे व्यक्ति को साइबर ठगी का शिकार होने से बचा सकती है।
जिलेवासियों से अभियान में जुड़ने की अपील
पुलिस ने जिलेवासियों से ‘साइबर जागृति की एक सेल्फी’ अभियान का हिस्सा बनने और साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता फैलाने में सहयोग करने की अपील की है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रतनपुर पुलिस एवं रक्षित निरीक्षक की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




