एसईसीएल में तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ, सीएमडी हरीश दुहन ने दिलाई सत्यनिष्ठा की शपथ

Advertisement
Advertisement

रिपोर्ट: अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
दिनांक: 18 अगस्त 2026

“सत्यनिष्ठा से समृद्धि” थीम पर चलेगा अभियान

बिलासपुर। साऊथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) मुख्यालय में केंद्रीय सतर्कता आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार तीन माह के निवारक सतर्कता अभियान का शुभारंभ किया गया। 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” निर्धारित की गई है।

अभियान का शुभारंभ एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री हरीश दुहन ने किया। वहीं कोल इंडिया लिमिटेड के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।

वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी

कार्यक्रम में निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री एन. फ्रैंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास, मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन, निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) श्री रमेश चन्द्र महापात्र सहित विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

दीप प्रज्वलन के साथ हुई शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई। इसके बाद वंदे मातरम्, कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत और राष्ट्रगान की प्रस्तुति हुई। सीएमडी श्री हरीश दुहन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

पारदर्शिता और जवाबदेही को बताया सफलता की आधारशिला

अपने संबोधन में सीएमडी श्री हरीश दुहन ने कहा कि सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही किसी भी संगठन की सफलता की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि निवारक सतर्कता केवल अनियमितताओं की रोकथाम तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसी कार्यप्रणालियां विकसित करने का माध्यम है, जिनसे निर्णय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बन सके।

उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आह्वान किया।

जोखिमों की समय रहते पहचान जरूरी: सीवीओ

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कोल इंडिया के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि निवारक सतर्कता का उद्देश्य प्रक्रियाओं और प्रणालियों को मजबूत कर संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान करना है।

उन्होंने कहा कि “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” का उद्देश्य तभी सार्थक होगा, जब सत्यनिष्ठा दैनिक कार्य-व्यवहार और निर्णय प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बने।

सुशासन और पारदर्शी कार्यसंस्कृति पर जोर

एसईसीएल के मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री हिमांशु जैन ने कहा कि निवारक सतर्कता सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्वपूर्ण कार्यसंस्कृति की आधारशिला है। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।

तीन माह तक होंगी विभिन्न गतिविधियां

अभियान के दौरान एसईसीएल मुख्यालय एवं सभी क्षेत्रों में सतर्कता जागरूकता कार्यक्रम, क्षमता निर्माण कार्यशालाएं, संवाद सत्र, प्रश्नोत्तरी, निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इन गतिविधियों का उद्देश्य संगठन में सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करने के साथ प्रक्रियागत सुधारों को बढ़ावा देना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े क्षेत्रीय अधिकारी

कार्यक्रम में मुख्यालय के विभागाध्यक्ष, महाप्रबंधक (सतर्कता), वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। एसईसीएल के विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधक एवं अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

Advertisement
Share This Article