अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
संभागायुक्त सुनील जैन ने जलभराव और फसलों की स्थिति की समीक्षा की, दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने कार्ययोजना बनाने के निर्देश
बिलासपुर, 10 सितंबर 2026। संभागायुक्त कार्यालय कोनी के सभाकक्ष में गुरुवार को संभाग स्तरीय जल उपयोगिता समिति की बैठक आयोजित हुई। संभागायुक्त सुनील जैन की अध्यक्षता में हुई बैठक में संभाग के जलाशयों में उपलब्ध पानी, खरीफ फसलों की स्थिति तथा आगामी सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा की गई।
पर्याप्त बारिश से खेती-किसानी के काम जारी
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष पर्याप्त वर्षा होने के कारण संभाग में कृषि कार्य सामान्य रूप से चल रहे हैं। फिलहाल किसानों की ओर से कृषि कार्य के लिए जलाशयों से अतिरिक्त पानी छोड़ने की कोई मांग प्राप्त नहीं हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक संभाग के बड़े, मध्यम और लघु जलाशयों में निस्तार तथा सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध है।
प्रमुख जलाशयों में बेहतर जलभराव
बैठक में जलाशयों के जलभराव की स्थिति की जानकारी दी गई। मिनी माता हसदेव बांगो परियोजना में 95 प्रतिशत, खारंग और मनियारी जलाशय में 104-104 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है।
वहीं निर्माणाधीन अरपा भैंसाझार बैराज में 26 प्रतिशत और केलो परियोजना में 44.58 प्रतिशत जलभराव बताया गया। मध्यम परियोजनाओं में घोंघा जलाशय में 102 प्रतिशत, केदार में 101 प्रतिशत, पुटका में 100 प्रतिशत, किंकारी में 101 प्रतिशत तथा खम्हार पाकुर जलाशय में 101 प्रतिशत जलभराव की जानकारी दी गई।
8 जिलों में 7.51 लाख हेक्टेयर से अधिक सिंचाई क्षमता
बैठक में बताया गया कि संभाग के 8 जिलों में 5 वृहद, 6 मध्यम और 768 लघु सिंचाई योजनाओं के साथ 10 नलकूप योजनाओं के माध्यम से कुल 7,51,043 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता सृजित है।
इस दौरान रबी सिंचाई वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों और खरीफ सिंचाई वर्ष 2026-27 के निर्धारित लक्ष्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
खाद-बीज की उपलब्धता पर भी हुई चर्चा
संभागायुक्त ने किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता तथा उनके वितरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कृषि संबंधी व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
दलहन-तिलहन को बढ़ावा देने पर जोर
संभागायुक्त सुनील जैन ने दलहन और तिलहन फसलों के रकबे तथा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना बनाते समय प्रत्येक गांव की स्थानीय जरूरत और कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए।
इसके साथ ही किसानों को दलहन-तिलहन फसलों के फायदे और बेहतर कृषि तकनीकों की जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में डिप्टी कमिश्नर डॉ. स्मृति तिवारी, हरिशंकर चौहान सहित संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
