बचरवार में देर रात तक चला कविताओं का जादू, दो चक्रों में हुआ विराट कवि सम्मेलन

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पेंड्रा। नवरात्रि पर्व के अवसर पर ग्राम बचरवार में विराट कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सार्वजनिक नवदुर्गोत्सव समिति और ग्रामवासियों के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे कवियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। कवि सम्मेलन लगातार दूसरे वर्ष आयोजित किया गया, जिसे लेकर ग्रामवासियों और कविता प्रेमियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

छह कवियों ने बांधा समां

बचरवार के दुर्गा चौरा में आयोजित इस कवि सम्मेलन का संयोजन स्थानीय युवा कवि आशुतोष आनंद दुबे ने किया। कार्यक्रम में झारसुगुड़ा से वाह भई वाह टीवी फेम हास्य कवि अमित दुबे, राजिम से वरिष्ठ हास्य-व्यंग्य कवि काशीपुरी कुंदन, रायगढ़ से मिमिक्री आर्टिस्ट एवं पैरोडीकार बेनी उरांव, जांजगीर-चांपा से युवा गीतकार उमाकांत टैगोर और कोरबा से कवयित्री संतोषी महंत श्रद्धा ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

मंच पर कवियों ने हास्य, व्यंग्य, गीत, गजल, देशभक्ति और ओजपूर्ण कविताओं की शानदार प्रस्तुतियां दीं। हास्य कवियों की रचनाओं पर श्रोता ठहाके लगाते रहे, वहीं गीतों और गजलों ने लोगों को भावविभोर कर दिया। देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं ने पूरे प्रांगण में उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

दो चक्रों तक चला कवि सम्मेलन

कार्यक्रम की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कवि सम्मेलन दो चक्रों तक चला। सभी कवियों ने दो-दो बार काव्यपाठ कर श्रोताओं को देर रात तक साहित्य और कविता के रंग में सराबोर रखा। कवियों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों से दुर्गा चौरा का पूरा वातावरण काव्यमय हो गया।

ग्रामवासियों ने की आयोजन की सराहना

कार्यक्रम की सफलता पर सार्वजनिक नवदुर्गोत्सव समिति के सदस्यों, ग्रामवासियों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे श्रोताओं ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों ने इस आयोजन की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसकी परंपरा जारी रखने की इच्छा जताई।

नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस साहित्यिक कार्यक्रम ने धार्मिक उत्सव के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के प्रति लोगों के जुड़ाव को भी मजबूत किया। कवि सम्मेलन की चर्चा आसपास के क्षेत्रों में भी होती रही।

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