मरवाही । मरवाही के एक बैंक में पदस्थ दो कर्मचारियों सुहैल अहमद और रामकृष्ण यादव पर लगाए गए गंभीर आरोपों को लेकर पत्रकार द्वारा की गई जांच-पड़ताल में एक अलग ही मामला सामने आया है। पड़ताल के दौरान सामने आए तथ्यों और संबंधित पक्षों से बातचीत के आधार पर आरोपों के पीछे आपसी रंजिश और बदले की भावना की बात सामने आई है।
बैंक कर्मचारियों पर समय पर बैंक नहीं आने, निजी व्यक्तियों से बैंकिंग कार्य कराने तथा खाता खोलने, पैसे ट्रांसफर करने और मृत्यु प्रमाण पत्र सहित विभिन्न कार्यों के लिए पैसे लेने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि, पत्रकार द्वारा की गई पड़ताल में इन आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया। संबंधित पक्ष द्वारा भी इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया गया है।
पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई कि कर्मचारियों के साथ व्यक्तिगत रंजिश अथवा पुराने विवाद के चलते उनके खिलाफ भ्रामक जानकारी सामने लाई गई। जांच-पड़ताल में सामने आए तथ्यों के अनुसार कर्मचारियों पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार बताए गए हैं।
वहीं, बैंक से जुड़े पक्ष का कहना है कि बैंक में सभी कार्य निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार किए जाते हैं तथा किसी भी कर्मचारी द्वारा अवैध रूप से राशि लिए जाने की बात सही नहीं है।
मामले में पत्रकार द्वारा संबंधित लोगों से जानकारी लेने और उपलब्ध तथ्यों की पड़ताल करने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि लगाए गए आरोपों को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने नहीं आते हैं। ऐसे में बिना ठोस प्रमाण के किसी कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाना उचित नहीं है।
फिलहाल इस पूरे मामले में आपसी रंजिश और बदले की भावना से आरोप लगाए जाने की बात प्रमुख रूप से सामने आई है, जबकि जांच-पड़ताल के दौरान लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी और उन्हें निराधार बताया गया है।
