अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
पांच दिवसीय आयोजन को लेकर तैयारियां तेज, बारिश से बचाव के लिए वाटरप्रूफ पंडाल; रायपुर एयरपोर्ट से विशेष परिवहन सुविधा
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल दरगाह लूथरा शरीफ में हजरत सैय्यद इंसान अली बाबा का पांच दिवसीय सालाना उर्स 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक आयोजित किया जाएगा। उर्स को लेकर दरगाह कमेटी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोजकों के मुताबिक इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में जायरीन पहुंच सकते हैं। करीब 5 से 6 लाख अकीदतमंदों के आने का अनुमान कमेटी ने जताया है।
मौसम को ध्यान में रखते हुए दरगाह परिसर और कव्वाली मैदान में वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं, ताकि बारिश के दौरान भी कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की आवाजाही में परेशानी कम हो।
बिलासपुर प्रेस क्लब में कमेटी ने साझा की तैयारियां
उर्स की व्यवस्थाओं को लेकर दरगाह कमेटी के अध्यक्ष हाजी इकबाल हक ने बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए की जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था, लंगर और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जानकारी दी।
रायपुर एयरपोर्ट से आने-जाने की विशेष व्यवस्था
कमेटी अध्यक्ष के मुताबिक बाहर से आने वाले मेहमानों और जायरीनों की सुविधा को देखते हुए रायपुर एयरपोर्ट से लूथरा शरीफ तक पिक-एंड-ड्रॉप परिवहन व्यवस्था की तैयारी की गई है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए रखी जा रही है, जिन्हें बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानों की उपलब्धता को लेकर परेशानी हो सकती है।
दो पुलिस सहायता केंद्रों से संभाली जाएगी सुरक्षा
उर्स में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कमेटी के अनुसार जिला एवं पुलिस प्रशासन के समन्वय से मेला क्षेत्र में दो पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
यातायात नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने पर भी फोकस रहेगा।
लंगर में 200 से 300 लोगों की रहेगी जिम्मेदारी
उर्स के दौरान जायरीनों की सेवा के लिए लंगर एवं भोजन वितरण की व्यापक व्यवस्था की जा रही है। कमेटी के अनुसार करीब 200 से 300 लोगों का दल लंगर व्यवस्था में जुटेगा। इसके अलावा 50 से 60 वालंटियर दरगाह परिसर में व्यवस्थाओं को संभालने के लिए तैनात रहेंगे।
कव्वाली और मुशायरे से सजेगी उर्स की महफिल
पांच दिवसीय उर्स के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों के साथ कव्वाली और मुशायरे का भी आयोजन होगा। कमेटी के मुताबिक कछौछा शरीफ से रशीद लखीमी हुजूर सहित कई उलेमा कार्यक्रम में शामिल होंगे।
कव्वाली की महफिल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान रखने वाले अलीश रईस साबरी और मुस्तफा नास अपनी प्रस्तुतियां देंगे। वहीं 28 सितंबर को मुशायरे का आयोजन प्रस्तावित है, जिसमें बिलासपुर के शब्बीर नूरी, इलियास सरफी सहित अन्य शायर शिरकत करेंगे।
कमेटी के विवाद और ऑडिट को लेकर अध्यक्ष ने रखा पक्ष
प्रेस वार्ता के दौरान कमेटी के आंतरिक मतभेद और पूर्व में दिए गए इस्तीफों को लेकर भी सवाल पूछे गए। अध्यक्ष हाजी इकबाल हक ने कहा कि वर्तमान में कमेटी के भीतर कोई विवाद नहीं है और किसी सदस्य का इस्तीफा देना उसका व्यक्तिगत निर्णय था।
खातों में अनियमितता के आरोपों पर उन्होंने इन्हें खारिज करते हुए कहा कि कमेटी की आय-व्यय का हर वर्ष विधिवत ऑडिट कराया जाता है। उनके अनुसार वाउचर सहित ऑडिट रिपोर्ट वक्फ बोर्ड में जमा की जाती है। उन्होंने कहा कि बिना आधार के पत्राचार से आयोजन की व्यवस्था और जायरीनों की भावनाओं पर असर पड़ सकता है।


