रायगढ़। औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी नियमों की अनदेखी करने वाले उद्योगों के खिलाफ रायगढ़ में बड़ी कार्रवाई की गई है। विभिन्न कारखानों में हुई दुर्घटनाओं और निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों के आधार पर श्रम न्यायालय रायगढ़ ने जिले के पांच उद्योगों पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई औद्योगिक सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन की सख्त नीति को दर्शाती है।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर अनियमितताएं
कार्यालय उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा रायगढ़ के अनुसार, जिले के विभिन्न कारखानों में दुर्घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जांच की गई थी। निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों, श्रमिक स्वास्थ्य व्यवस्था और संचालन संबंधी नियमों के उल्लंघन के मामले सामने आए। इन अनियमितताओं के आधार पर संबंधित उद्योगों के खिलाफ कारखाना अधिनियम, 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली, 1962 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत प्रकरण दर्ज कर श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे।

सिंघल स्टील एंड पावर पर सबसे बड़ी कार्रवाई
न्यायालय द्वारा जारी आदेश में सबसे अधिक अर्थदंड तराईमाल स्थित सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड पर लगाया गया। जांच में सुरक्षा प्रबंधन और कार्य घंटों से संबंधित कई नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई। मामले में कारखाने के अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और प्रबंधक जी.के. मिश्रा पर अलग-अलग एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस प्रकार कंपनी पर कुल दो लाख रुपये का अर्थदंड अधिरोपित किया गया।
मां मंगला इस्पात में भी मिली सुरक्षा संबंधी खामियां
ग्राम नटवरपुर स्थित मां मंगला इस्पात प्राइवेट लिमिटेड में भी श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर कार्रवाई की गई। न्यायालय ने कंपनी के अधिभोगी हर्षवर्धन गर्ग को दोषी मानते हुए एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
गुरुश्री इंडस्ट्रीज पर एक लाख का जुर्माना
ग्राम देलारी स्थित गुरुश्री इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में भी अनिवार्य सुरक्षा नियमों के पालन में कमी पाई गई। मामले में कारखाना प्रबंधक एवं अधिभोगी मुकेश बंसल पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
सावित्री राइस मिल में भी नियमों का उल्लंघन
ग्राम सहदेवपाली स्थित सावित्री राइस मिल में सुरक्षा व्यवस्था संबंधी कमियों के चलते न्यायालय ने मिल के अधिभोगी एवं प्रबंधक सूर्यकांत अग्रवाल को एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
नवदुर्गा फ्यूल पर भी कार्रवाई
सराईपाली स्थित नवदुर्गा फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड में छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला सामने आया। इस पर कंपनी के अधिभोगी एवं प्रबंधक प्रकाश बेहरा पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
उद्योगों को दिया गया सख्त संदेश
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल दंडात्मक कदम नहीं, बल्कि सभी उद्योग संचालकों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी है। श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना उद्योग प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भविष्य में ऐसे मामलों में और अधिक कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।


