Surguja Elephant News: 27 हाथियों का दल 5 हिस्सों में बंटा, कई गांवों में एक साथ विचरण से बढ़ी दहशत

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Surguja Elephant News: सरगुजा के उदयपुर-कर्मकट्टा क्षेत्र और आसपास के जंगलों में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। करीब 27 हाथियों का दल पांच अलग-अलग हिस्सों में बंटकर अल्कापुरी, लक्ष्मणगढ़, महेशपुर, मानपुर-जजगी, फूनगी समेत कई इलाकों में एक साथ विचरण कर रहा है। वन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं, लेकिन अलग-अलग गांवों में हाथियों की मौजूदगी के कारण निगरानी दलों के सामने चुनौती बढ़ गई है।

पांच हिस्सों में बंटा हाथियों का दल

उदयपुर वन परिक्षेत्र के जंगलों में हाथियों का दल अलग-अलग समूहों में बंट गया है। अल्कापुरी, लक्ष्मणगढ़, महेशपुर, मानपुर-जजगी और फूनगी सहित कई क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही देखी जा रही है।

एक साथ कई स्थानों पर हाथियों के पहुंचने के कारण वन विभाग की टीमों को अलग-अलग इलाकों में निगरानी करनी पड़ रही है। विभाग की ओर से लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है।

शाम होते ही ग्रामीणों में बढ़ती है दहशत

उदयपुर वन परिक्षेत्र में शाम ढलते ही हाथियों की गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल बन जाता है। हाथियों के विचरण को देखते हुए वन विभाग की टीम ग्रामीणों को लगातार सतर्क कर रही है।

सुबह करीब 7 बजे से ही मतरिंगा रोड से जुड़े मार्गों और जजगी चौक, उपका, मानपुर, फूनगी, लक्ष्मणगढ़ और महेशपुर के चौक-चौराहों पर वन विभाग की टीम बैरिकेडिंग कर निगरानी कर रही है।

हाथियों की निगरानी के लिए 24 घंटे अलर्ट

वन विभाग की टीमें लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को हाथियों से दूरी बनाए रखने और सावधानी बरतने की समझाइश दे रही हैं। विभाग की ओर से 24 घंटे निगरानी और ग्रामीणों को अलर्ट करने का काम किया जा रहा है।

एक साथ कई गांवों की ओर हाथियों के बढ़ने से वन विभाग के सामने स्टाफ की कमी भी चुनौती बन रही है। टीमों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात करना पड़ रहा है।

शावक की मौत के बाद आक्रामक हुआ दल

जानकारी के मुताबिक, शावक की मौत के बाद हाथियों के दल के व्यवहार में आक्रामकता बढ़ी है। हाथियों की लगातार आवाजाही और अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।

क्षेत्र में हाथियों के विचरण के दौरान आए दिन किसी न किसी स्थान पर घटनाएं सामने आने की बात कही जा रही है। ऐसे में वन विभाग ग्रामीणों को लगातार सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

जंगलों में घटता रकबा और रास्ते बंद होने की चिंता

ग्रामीणों के बीच हाथियों के बढ़ते विचरण को लेकर जंगलों में अवैध कब्जे, वन क्षेत्र के घटते रकबे और हाथियों के पारंपरिक रास्तों के बाधित होने को लेकर चिंता जताई जा रही है। स्थानीय स्तर पर इसे मानव-हाथी संघर्ष बढ़ने के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है।

फिलहाल वन विभाग की टीमें हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संवेदनशील मार्गों पर बैरिकेडिंग कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है।

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