“एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान के तहत हुआ आयोजन, ग्रामीणों ने लगाए आरोप- पौधों की देखरेख और सुरक्षा पर नहीं दिया जा रहा ध्यान।
वन महोत्सव आयोजन पर उठे सवाल
सूरजपुर। लोधिमा (खोपा रोड) में बुधवार को आयोजित वन महोत्सव एवं “एक पेड़ मां के नाम 3.0” कार्यक्रम को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पौधारोपण कार्यक्रम केवल औपचारिकता और फोटो खिंचवाने तक सीमित रह गया, जबकि लगाए गए पौधों की सुरक्षा और देखभाल के लिए ठोस व्यवस्था नजर नहीं आई।
वन क्षेत्र के दावों के बीच संरक्षण पर सवाल
कार्यक्रम में वनमंडलाधिकारी डी.पी. साहू ने जिले के 53 प्रतिशत भू-भाग पर वन होने की जानकारी दी। हालांकि ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने सवाल उठाया कि पिछले वर्षों में लगाए गए लाखों पौधों में से कितने पौधे आज सुरक्षित हैं, इसकी समीक्षा भी जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पौधों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त ट्री-गार्ड, सिंचाई और नियमित निगरानी नहीं होने से कई पौधे सूख जाते हैं या मवेशियों की चपेट में आ जाते हैं।
ग्रामीणों ने उठाई पौधों की देखरेख की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसे आयोजनों में मंच, टेंट और प्रचार-प्रसार पर खर्च किया जाता है, जबकि पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी की जाए और उनकी स्थिति की जानकारी सार्वजनिक की जाए।
सेल्फी जोन को लेकर भी चर्चा
कार्यक्रम स्थल पर बनाए गए सेल्फी जोन को लेकर भी चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना है कि पौधारोपण के बाद सबसे महत्वपूर्ण कार्य उनकी देखभाल और संरक्षण है, ताकि पौधे भविष्य में बड़े पेड़ बन सकें।
पौधारोपण अभियानों के ऑडिट की मांग
पर्यावरण प्रेमियों ने मांग की है कि पूर्व में किए गए पौधारोपण अभियानों का ऑडिट कराया जाए और पौधों की वास्तविक स्थिति की जानकारी सामने लाई जाए।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाने तक सीमित रहने के बजाय उनकी सुरक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए, तभी हरित अभियान सफल हो सकेगा।




