Surajpur News: रंगोली और पोस्टरों से बेटियों ने दिया शिक्षा व समानता का संदेश, छात्रावास में आयोजित हुईं प्रतियोगिताएं

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सेवा संकल्प अभियान और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बालिकाओं ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा, शिक्षा, सुरक्षा, अधिकारों और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया गया जोर।

पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में हुआ आयोजन

सूरजपुर। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, सुरक्षा, समानता और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में छात्रावास की बालिकाओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

पोस्टर, चित्रकला और रंगोली से उभरे सामाजिक संदेश

कार्यक्रम के दौरान पोस्टर, चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्राओं ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से बालिका शिक्षा, भ्रूण हत्या की रोकथाम, लैंगिक समानता, महिला सुरक्षा और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य जैसे विषयों को प्रस्तुत किया।

आकर्षक पोस्टरों और रंग-बिरंगी रंगोलियों के जरिए छात्राओं ने समाज को बेटियों के सम्मान, संरक्षण और शिक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उनकी रचनात्मक प्रस्तुतियां कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहीं।

बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए किया प्रेरित

कार्यक्रम में बालिकाओं को शिक्षा के महत्व, आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान बताया गया कि बेटियों को समान अवसर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

शिक्षित और सशक्त बालिकाएं परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। इसी उद्देश्य से बालिकाओं को अपनी प्रतिभा पहचानने और भविष्य के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राएं सम्मानित

प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान मिलने से छात्राओं का उत्साह बढ़ा और उन्हें अपनी प्रतिभा को आगे निखारने के लिए प्रोत्साहन मिला।

कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं के अधिकारों, शिक्षा और समानता को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया। साथ ही, बेटियों को सशक्त बनाने और उनके लिए सुरक्षित एवं समान अवसरों वाला वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

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