अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
सेवा संकल्प अभियान: ADIP योजना के तहत मिले तकनीकी उपकरणों से 10वीं के छात्र आशीष की पढ़ाई और आवागमन हुआ आसान
बिलासपुर, 20 सितंबर 2026। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए तकनीक से जुड़े सही उपकरण शिक्षा और दैनिक जीवन की चुनौतियों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। बिलासपुर के तिफरा निवासी कक्षा 10वीं के छात्र आशीष पाटले के लिए केंद्र सरकार की एडीआईपी (ADIP) योजना के तहत मिले स्मार्ट फोन और स्मार्ट केन ऐसे ही उपयोगी साधन साबित हुए हैं।
इन उपकरणों की मदद से आशीष के लिए पढ़ाई की सामग्री तक पहुंच आसान हुई है। साथ ही स्मार्ट केन की सहायता से उनके आवागमन में भी सुविधा हुई है। अब वह तकनीक का उपयोग करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखने के साथ आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
पढ़ाई और मोबिलिटी में आती थी परेशानी
विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी होने के कारण आशीष को पहले पढ़ाई से संबंधित विषय सामग्री समझने और दैनिक आवागमन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अध्ययन सामग्री तक आसानी से पहुंच नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई भी प्रभावित होती थी।
इन चुनौतियों को कम करने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग के माध्यम से उन्हें ADIP योजना के तहत स्मार्ट फोन और स्मार्ट केन उपलब्ध कराया गया।
ऑडियो और पीडीएफ से पढ़ाई हुई आसान
स्मार्ट फोन मिलने के बाद आशीष को पढ़ाई से जुड़ी ऑडियो सामग्री और पीडीएफ तक आसानी से पहुंच मिल रही है। इससे विषयों को समझने और अध्ययन करने में उन्हें सुविधा हो रही है।
आशीष बताते हैं कि स्मार्ट फोन के जरिए विषय से संबंधित सामग्री आसानी से उपलब्ध हो जाती है, जिससे उनके लिए सीखने की प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल हुई है।
स्मार्ट केन से आवागमन में मिली मदद
स्मार्ट फोन के साथ स्मार्ट केन ने आशीष की मोबिलिटी को भी बेहतर बनाने में सहायता की है। दैनिक आवागमन के दौरान इसका उपयोग उनके लिए उपयोगी साबित हो रहा है।
आशीष के मुताबिक इन दोनों उपकरणों ने उनके पुनर्वास और शिक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। तकनीकी साधनों की मदद से अब वह अपनी पढ़ाई को अधिक सुविधाजनक तरीके से आगे बढ़ा पा रहे हैं।
तकनीक के सहारे लक्ष्य की ओर बढ़ रहे आशीष
ADIP योजना के तहत मिले उपकरणों ने आशीष के लिए केवल पढ़ाई की सामग्री तक पहुंच को आसान नहीं किया, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ाने में मदद की है। अब वह तकनीक का उपयोग करते हुए शिक्षा जारी रखने और भविष्य के अपने लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।




