तहसील तिराहा स्थित महाराणा प्रताप चौक पर श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ प्रतिमा अनावरण
माधौगढ़ (जालौन)। वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक महाराणा प्रताप की गूंज रविवार को माधौगढ़ कस्बे में सुनाई दी। तहसील तिराहा स्थित महाराणा प्रताप चौक पर उनकी भव्य प्रतिमा का श्रद्धा और उत्साह के साथ अनावरण किया गया। समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और गौरव की भावना से भर दिया।
केटी तोमर चितौरा एवं टीम के आयोजन में जुटे गणमान्य नागरिक, महामंडलेश्वर निर्भय दास दूधाधारी महाराज ने की अध्यक्षता
कार्यक्रम का आयोजन केटी तोमर चितौरा एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। समारोह की अध्यक्षता महामंडलेश्वर निर्भय दास दूधाधारी महाराज ने की। इस अवसर पर वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, त्याग और पराक्रम को याद करते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।
देशभर में 500 प्रतिमाएं और 100 स्मारक स्थापित करने का लक्ष्य, युवाओं को इतिहास से जोड़ने की पहल
राजस्थान से पहुंचे चंद्रवीर सिंह राजावत नवाड़ा ने बताया कि उनकी संस्था देशभर में 500 महाराणा प्रताप प्रतिमाएं और 100 स्मारक स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रतिमाएं स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय इतिहास और वीर महापुरुषों के गौरव से जोड़ने का प्रयास भी है।
8 से 10 बीघा भूमि में विकसित होंगे स्मारक, इतिहास को करीब से जान सकेंगे लोग
चंद्रवीर सिंह राजावत नवाड़ा ने जानकारी दी कि प्रत्येक स्मारक को 8 से 10 बीघा भूमि में विकसित किया जाएगा, ताकि लोग भारतीय इतिहास और महाराणा प्रताप के संघर्ष एवं शौर्य को नजदीक से जान सकें।
वीर रस की कविता से गूंजा पंडाल, महाराणा प्रताप और चेतक की गाथा सुन भावुक हुए लोग
समारोह के दौरान डॉ. बृजेश सिंह Rajawat ने महाराणा प्रताप और चेतक पर आधारित वीर रस की ओजस्वी कविता प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति ने ऐसा जोश भरा कि पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा और उपस्थित लोगों में उत्साह का माहौल बन गया।
गणमान्य नागरिकों की रही मौजूदगी, आयोजन को बताया प्रेरणादायक संदेश
कार्यक्रम में जिला कार्यवाह गौतम त्रिपाठी, गुरु प्रसाद शर्मा, आचार्य तेजस सहित अनेक गणमान्य नागरिक और क्षेत्रीय लोग उपस्थित रहे। समारोह के अंत में वक्ताओं ने कहा कि माधौगढ़ में महाराणा प्रताप की प्रतिमा का यह अनावरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ने वाला प्रेरणादायक संदेश है।
