सक्ती, 20 मई 2026। नाली निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोपों के बाद ग्राम कोसमंदा में प्रशासनिक एवं सामाजिक विवाद की स्थिति
जिला सक्ती के डभरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोसमंदा में नाली निर्माण कार्य को लेकर उठे अनियमितता के आरोपों के बाद विवाद की स्थिति गहराती दिखाई दे रही है। पत्रकार पारसदास महंत द्वारा निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग एवं शासकीय धन के कथित दुरुपयोग को लेकर समाचार प्रसारित किए जाने के पश्चात ग्राम स्तर पर प्रतिक्रिया और असहमति के आरोप सामने आए हैं।

पंचायत भवन में बुलाकर कथित रूप से आर्थिक दंड और अनुशासनात्मक कार्रवाई की चर्चा का मामला
प्रार्थी के अनुसार, उन्हें ग्राम पंचायत भवन में तलब कर उनके द्वारा प्रकाशित समाचार के संबंध में चर्चा की गई। इस दौरान कथित रूप से 5000 रुपये के आर्थिक दंड का प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने और उसे वसूले जाने का प्रयास किए जाने की बात कही गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रस्ताव स्वीकार न करने की स्थिति में असहमति और दबाव की स्थिति निर्मित हुई।

सामाजिक बहिष्कार की प्रक्रिया और सार्वजनिक घोषणा के आरोप
शिकायत पत्र के अनुसार, 14 मई 2026 को ग्राम स्तर पर कोटवार के माध्यम से मुनादी कराए जाने का उल्लेख है, जिसमें पत्रकार एवं उनके परिवार के सामाजिक बहिष्कार की घोषणा किए जाने की बात कही गई है। इसके बाद ग्रामीण स्तर पर सामान्य सामाजिक गतिविधियों में बाधा एवं असहयोग की स्थिति उत्पन्न होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
संवैधानिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के उल्लंघन का उल्लेख
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि पत्रकार द्वारा नाली निर्माण कार्य में अनियमितताओं के संबंध में की गई रिपोर्टिंग संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत आती है। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसी भी ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय को किसी नागरिक पर सामाजिक या आर्थिक दंड अधिरोपित करने का अधिकार विधिक रूप से प्राप्त नहीं है।
निष्पक्ष जांच एवं विधिसम्मत कार्रवाई की मांग
प्रार्थी ने थाना प्रभारी डभरा से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने का अनुरोध किया है।


