रायगढ़। जिले में लंबे समय से संचालित नकली शराब (nakli sharab) के संगठित नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस (Raigarh Police) ने मामले के फरार आरोपी सुभाष चंद्र पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कोतरारोड़ थाना क्षेत्र के जोरापाली स्थित फार्म हाउस से पकड़ा गया, जहां वह छिपा हुआ था।
फार्म हाउस में तैयार होती थी नकली शराब, फर्जी लेबल लगाकर होती थी बिक्री
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने भाई और सह-आरोपी विनय ठाकुर के साथ मिलकर नकली शराब के कारोबार में शामिल था। गिरोह फार्म हाउस में शराब का भंडारण करता था और उसमें स्प्रिट मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाता था। इसके बाद फर्जी होलोग्राम और नकली लेबल लगाकर शराब को असली ब्रांड जैसा दिखाकर विभिन्न क्षेत्रों में कोचियों के माध्यम से बेचा जाता था।
चायपत्ती के रंग से बनाई जाती थी असली शराब जैसी पहचान
जांच में यह भी सामने आया कि स्प्रिट मिलाने से शराब का रंग हल्का पड़ जाता था। इसे छिपाने के लिए आरोपी शराब में चायपत्ती का रंग मिलाकर उसे असली जैसा स्वरूप देते थे। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने फार्म हाउस से गैस सिलेंडर, गैस चूल्हा, एल्यूमिनियम डेगची और बड़ी संख्या में खाली शराब की बोतलें बरामद की हैं।
पहले छापे में 240 लीटर नकली शराब हुई थी जब्त
गौरतलब है कि 8 जून की रात रायगढ़ पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम धनागर में छापा मारकर करीब 240 लीटर नकली शराब, स्प्रिट के ड्रम, ढक्कन, खाली बोतलें और अन्य सामग्री बरामद की थी। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी दुष्यंत उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया गया था, जबकि सुभाष पटेल और विनय ठाकुर फरार हो गए थे।
फरार आरोपी की तलाश जारी, कार्रवाई जारी रखने का संदेश
आरोपी सुभाष चंद्र पटेल को संबंधित धाराओं एवं आबकारी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले के अन्य फरार आरोपी विनय ठाकुर की तलाश जारी है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में शराब और अन्य मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।




