नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान-इजरायल के बीच हालात बिगड़ने और Strait of Hormuz में अस्थिरता के बावजूद भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही जारी है। केंद्र सरकार के बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार, भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ एलपीजी लेकर सुरक्षित रूप से भारत लौट आया है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता काफी हद तक कम हुई है।
भारतीय पोत ‘शिवालिक’ ने संवेदनशील समुद्री मार्ग पार करते हुए सफलतापूर्वक भारत पहुंचकर अपनी यात्रा पूरी की। यह जहाज एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) लेकर आया था, जो देश की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस सुरक्षित वापसी ने भारत के समुद्री संचालन और सुरक्षा प्रबंधन की मजबूती को प्रदर्शित किया है।
इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात से कच्चा तेल लेकर आ रहा भारतीय टैंकर ‘जग लाडकी’ भी सुरक्षित रूप से अपने मार्ग पर है। पोर्ट अधिकारियों के अनुसार, यह टैंकर कल मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) पहुंचेगा। फिलहाल हॉर्मुज के पश्चिमी हिस्से में भारत के करीब 22 मालवाहक जहाज निगरानी में हैं।
भारत सरकार ने तनावपूर्ण हालात में ईरान में फंसे 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में भी सफलता पाई। उन्हें सड़क मार्ग से आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित निकाला गया। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने इस मिशन में सहयोग के लिए आर्मेनिया सरकार का धन्यवाद किया। साथ ही सरकार ने अभी भी ईरान में मौजूद नागरिकों को सुरक्षित मार्गों के इस्तेमाल की सलाह दी है।
लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन को सुचारु बनाए रखने के लिए Jawaharlal Nehru Port (JNPT) ने 15 दिनों तक स्टोरेज शुल्क में 100% छूट देने की घोषणा की है। इसके साथ ही, पिछले 25 घंटों में 33 भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी भी सुनिश्चित की गई।

