बिलासपुर। बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए मामले में नया मोड़ ला दिया है। डिवीजन बेंच ने पूर्व के आदेश को पलटते हुए सीबीआई की अपील स्वीकार कर ली है और मुख्य आरोपी अमित जोगी को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
🔹 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद फिर खुला मामला
यह मामला पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर पुनः सुनवाई के लिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भेजा गया था। इससे पहले सीबीआई और मृतक के बेटे सतीश जग्गी ने हाई कोर्ट के पुराने फैसले को चुनौती दी थी।
🔹 सीबीआई की दलील स्वीकार
सुनवाई के दौरान Central Bureau of Investigation (CBI) और राज्य सरकार ने दलील दी कि पहले अपील को केवल तकनीकी आधार पर खारिज किया गया था, जबकि मामले के गुण-दोष पर विचार किया जाना आवश्यक था। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए पुनर्विचार का आदेश दिया।
🔹 हाई कोर्ट का अहम निर्देश
डिवीजन बेंच, जिसमें चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा शामिल थे, ने आरोपी अमित जोगी को निर्धारित समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण करने का स्पष्ट निर्देश दिया है।
🔹 आगे की कानूनी प्रक्रिया
अदालत ने नोटिस की तामिली और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए हैं। इस फैसले के बाद मामले में एक बार फिर कानूनी प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
