Raipur में स्थानीय परीक्षाओं के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। कई स्कूलों में छात्रों की संख्या के मुकाबले बेहद कम प्रश्न पत्र दिए गए, जिससे परीक्षा शुरू होने से पहले शिक्षकों को फोटोकॉपी का सहारा लेना पड़ा।
छठी कक्षा के पेपर में भी दिखी गड़बड़ी
गुरुवार को आयोजित कक्षा 6वीं की परीक्षा में कई स्कूलों को 10–20% ही प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए गए। कुछ शिक्षकों के अनुसार, विभाग ने पहले ही निर्देश दे दिया था कि जरूरत पड़ने पर फोटोकॉपी कराकर परीक्षा कराई जाए।
ग्रामीण स्कूलों में ज्यादा परेशानी, भेदभाव के आरोप
शिक्षकों का आरोप है कि यह समस्या खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में ज्यादा देखने को मिली।
एक शिक्षक के अनुसार:
- स्कूल में 24 छात्र थे
- लेकिन केवल 4 प्रश्न पत्र मिले
वहीं शहरी स्कूलों में कई जगह अतिरिक्त प्रश्न पत्र होने की बात भी सामने आई, जिससे भेदभाव के आरोप लगे हैं।
पहले भी सामने आ चुकी हैं कई गड़बड़ियां
इस साल परीक्षाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं:
- 12वीं बोर्ड में पेपर लीक मामला
- 5वीं और 8वीं में सिलेबस से बाहर प्रश्न
- कटे-फटे प्रश्न पत्र
- नकल कराने के आरोप
इन घटनाओं से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
12वीं हिंदी परीक्षा दोबारा 10 अप्रैल को
Chhattisgarh Board of Secondary Education ने 12वीं हिंदी पेपर लीक मामले के बाद 14 मार्च की परीक्षा रद्द कर दी है।
अब यह परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को सुबह 9 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक दोबारा आयोजित की जाएगी।
छात्रों और अभिभावकों में चिंता
लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों से छात्रों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। परीक्षा जैसे संवेदनशील विषय में इस तरह की लापरवाही शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
