रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना परिसर में पत्रकारों और पुलिस के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। एक पत्रकार के साथ कथित मारपीट और उसके बाद दर्ज की गई FIR के विरोध में शहर के पत्रकार थाने के सामने धरने पर बैठ गए हैं। मामला अब पुलिस कार्यप्रणाली और मीडिया स्वतंत्रता को लेकर गंभीर बहस का विषय बन गया है।
आरक्षक पर मारपीट और शराब के नशे में होने का आरोप
मामला उस समय शुरू हुआ जब एक स्थानीय पत्रकार और थाना में पदस्थ आरक्षक के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि आरक्षक ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में था और इस दौरान पत्रकार के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
पीड़ित पत्रकार न्याय की मांग को लेकर थाने पहुंचा, लेकिन आरोप है कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उसके खिलाफ ही FIR दर्ज कर दी गई।
पुलिस का पक्ष: शासकीय कार्य में बाधा का आरोप
पुलिस की ओर से दर्ज FIR में कहा गया है कि पत्रकार ने आरक्षक के शासकीय कार्य में बाधा डाली और बहस के दौरान धमकी दी। इसी आधार पर पत्रकार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
थाने के बाहर पत्रकारों का प्रदर्शन
घटना से आक्रोशित होकर रायपुर के विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकार बड़ी संख्या में तेलीबांधा थाने पहुंच गए और देर रात प्रदर्शन शुरू कर दिया। पत्रकारों ने आरोप लगाया कि मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है और FIR वापस लेने व निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदर्शन कर रहे पत्रकारों ने आरोपी आरक्षक के निलंबन की भी मांग की है।
निष्पक्ष जांच की मांग तेज
पत्रकारों का कहना है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं, थाने के बाहर देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी रहने से माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
मामला अब बढ़ा, प्रशासन की नजर
विवाद बढ़ने के बाद पुलिस प्रशासन की नजर इस पूरे प्रकरण पर बनी हुई है। अब देखना होगा कि जांच के बाद मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या पत्रकारों की मांगों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।




