सराईपाली साप्ताहिक बाजार के पास मुख्य मार्ग जाम कर रोकी गई वाहनों की आवाजाही, पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद खुला रास्ता
रायगढ़, 7 मार्च। जिले में बिना अनुमति सड़क जाम कर प्रदर्शन करने वालों पर अब पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। ग्राम सराईपाली के साप्ताहिक बाजार के पास सराईपाली-गेरवानी मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर चक्काजाम करने के मामले में पुलिस ने 03 नामजद आरोपियों सहित 10-15 अन्य लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार बिना प्रशासनिक अनुमति सड़क जाम करने से आम नागरिकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर मार्ग को खाली कराया गया।
ग्रामीणों ने बाजार के पास रोकी वाहनों की आवाजाही, प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर हटवाया जाम
जानकारी के मुताबिक 06 मार्च 2026 को ग्राम सराईपाली साप्ताहिक बाजार के समीप कुछ ग्रामीणों ने बिना प्रशासनिक अनुमति मुख्य सड़क को जाम कर दिया था। इससे सराईपाली-गेरवानी मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम घरघोड़ा, नायब तहसीलदार तमनार, थाना प्रभारी तमनार तथा पूंजीपथरा और तमनार पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगें सुनीं और समस्याओं के समाधान के लिए उचित पहल करने का आश्वासन दिया। इसके बाद समझाइश के जरिए चक्काजाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल किया गया।
बस चालक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला, 3 नामजद सहित अन्य के खिलाफ कार्रवाई
इस मामले में स्थानीय प्लांट के बस चालक ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार वह रायगढ़ से रूपानाधाम स्टील प्लांट, सराईपाली के कर्मचारियों को लेकर जा रहा था।
जब बस साप्ताहिक बाजार के पास पहुंची, तब पंकज प्रधान, ईश्वर किसान, संदीप भोय उर्फ पप्पू सहित 10-15 लोगों ने सड़क जाम कर वाहनों की आवाजाही रोक दी। इस वजह से कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पुलिस ने इस मामले में अपराध क्रमांक 31/2026 दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 191(2) के तहत तीन नामजद आरोपियों सहित अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण कायम किया है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी है।
बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन करना कानून के खिलाफ, प्रशासन ने दी चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धरना, रैली, प्रदर्शन या किसी भी प्रकार का आंदोलन करने के लिए पूर्व प्रशासनिक अनुमति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति सड़क जाम करना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि आमजन के लिए परेशानी और अव्यवस्था का कारण भी बनता है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह का सख्त संदेश
जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा कि नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन बिना अनुमति सड़क जाम कर कानून हाथ में लेना स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।



