Raigarh Police : ‘ऑपरेशन आघात’ में कार्रवाई के साथ जागरूकता, नशे के खिलाफ महिला समूहों को जोड़ा

रायगढ़, 9 अगस्त 2026। नशे के खिलाफ रायगढ़ पुलिस का अभियान अब कार्रवाई के साथ जनजागरूकता का रूप ले रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चल रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत पुलिस ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों, खासकर महिला समूहों को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ रही है।

गांव में चौपाल लगाकर महिलाओं से किया संवाद

इसी कड़ी में भूपदेवपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रोशन कुमार कौशिक ने ग्राम बिलासपुर में महिला समूहों के साथ चौपाल लगाई। खास बात यह रही कि थाना प्रभारी महिलाओं के बीच जमीन पर बैठकर उनसे सहजता से संवाद करते नजर आए। उन्होंने गांव में नशे और अवैध शराब से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली।

नशे से परिवार और समाज पर पड़ता है असर

थाना प्रभारी ने महिलाओं को बताया कि नशा केवल एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। शराब की लत के कारण घरेलू विवाद, हिंसा, आर्थिक परेशानी और अपराध की घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने महिलाओं से नशे के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

अवैध शराब की सूचना पुलिस को देने की अपील

पुलिस ने ग्रामीणों से अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील की। साथ ही गांव में संदिग्ध अथवा बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर नजर रखने और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की बात कही गई।

महिलाओं को महिला एवं बाल सुरक्षा से संबंधित ‘हेलो सिस्टर’ हेल्पलाइन नंबर 94792-70533 की जानकारी भी दी गई।

महिला समूहों ने लिया नशे के खिलाफ संकल्प

चौपाल के दौरान महिला समूहों की सदस्यों ने गांव को नशे से बचाने में पुलिस का सहयोग करने का संकल्प लिया। महिलाओं ने कहा कि वे गांव में अवैध शराब का निर्माण और बिक्री नहीं होने देंगी तथा ऐसी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देंगी।

कार्रवाई के साथ जनभागीदारी पर जोर

एसएसपी शशि मोहन सिंह की पहल का उद्देश्य ‘ऑपरेशन आघात’ को केवल छापेमारी, गिरफ्तारी और जब्ती तक सीमित न रखते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाना है। पुलिस अधिकारियों के ग्रामीणों के बीच पहुंचने से पुलिस और आमजन के बीच संवाद एवं विश्वास मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की जागरूकता और सहभागिता को नशे के खिलाफ अभियान की महत्वपूर्ण ताकत बताया।

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