रायगढ़ में धान-चावल घोटाले का मामला: 7 राइस मिलर्स के पास 18 करोड़ का स्टॉक, एक साल बाद भी जमा नहीं हुआ चावल

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रायगढ़, Raigarh में धान और चावल के लेन-देन से जुड़ा बड़ा मामला सामने आया है। जिले के राइस मिलर्स द्वारा भारतीय खाद्य निगम (FCI) के कोटे का धान उठाने के बावजूद अब तक चावल जमा नहीं किया गया है। एक साल बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया लंबित है।


7 मिलर्स के पास 18 करोड़ का धान लंबित

जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के 7 राइस मिलर्स के पास लगभग 119 लॉट यानी करीब 34,510 क्विंटल चावल जमा किया जाना बाकी है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 18 करोड़ रुपये बताई जा रही है।


सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी बड़ा मामला

इसी तरह Sarangarh-Bilaigarh में 17 मिलर्स के पास करीब 50 हजार क्विंटल चावल जमा नहीं हुआ है, जिसकी कीमत लगभग 26 करोड़ रुपये आंकी गई है।


पिछले साल का स्टॉक अब तक गायब

वर्ष 2024-25 में उठाए गए धान के बदले मिलर्स को चावल एफसीआई में जमा करना था, लेकिन एक साल बाद भी कई मिलर्स ने चावल जमा नहीं किया है। सवाल उठ रहा है कि उठाया गया धान आखिर गया कहां।


कई मिलर्स पर गंभीर सवाल

सूत्रों के अनुसार कुछ मिलर्स एफसीआई में चावल जमा करने की बजाय कन्वर्जन की उम्मीद में प्रक्रिया को टाल रहे हैं। वहीं राइस मिलों में दिखाया गया पुराना स्टॉक भी संदेह के घेरे में है।


प्रमुख मिलर्स की सूची

  • शंकर राइस मिल – 13050 क्विंटल
  • जय श्री श्याम राइस मिल – 8120 क्विंटल
  • श्री तिरुपति राइस मिल – 4060 क्विंटल
  • सुयश एग्रो – 3770 क्विंटल
  • जय मां दुर्गा इंडस्ट्रीज – 2900 क्विंटल
  • शिव ट्रेडिंग कंपनी – 2030 क्विंटल
  • गोयल फूड प्रोडक्ट्स – 870 क्विंटल

प्रशासनिक लापरवाही पर भी सवाल

बताया जा रहा है कि एफसीआई की ओर से कई बार रिमाइंडर जारी नहीं किए गए और 30 अप्रैल अंतिम तिथि तय होने के बावजूद अब तक सख्त कार्रवाई नहीं हुई है।


जांच की मांग तेज

मामले को लेकर अब यह सवाल उठ रहा है कि करोड़ों रुपये का धान आखिर कहां खपाया गया और क्या इसमें किसी बड़े स्तर की अनियमितता शामिल है।

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