रायपुर में आयोजित सामाजिक सम्मेलन में मिली नई जिम्मेदारी, समाज की एकता और संगठन को मजबूत करने पर दिया जोर
रायगढ़। छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा 5811 की ओर से रायपुर स्थित सिंधु सदन में युवक-युवती परिचय सम्मेलन, सामाजिक कार्यकर्ता सम्मेलन और संगठन के रिक्त पदों के पुनर्गठन को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन में प्रदेशभर से वैष्णव समाज के पदाधिकारी और समाजजन शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान रायगढ़ जिले के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं लैलूंगा क्षेत्र के नारायणपुर निवासी राजेंद्र वैष्णव महाराज को महासभा का प्रांतीय उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
समाज की एकता और सामाजिक समरसता पर दिया जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजेंद्र वैष्णव महाराज ने समाज की वर्तमान परिस्थितियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने समाज में बढ़ते आपसी मतभेद और बिखराव पर चिंता जताते हुए सभी समाजजनों से एकजुट होकर सामाजिक प्रगति और उत्थान के लिए कार्य करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आपसी मनमुटाव और मतभेदों को दूर कर समाज को एक मंच और एक बैनर के नीचे संगठित करने की जरूरत है। समाज की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
भावुक संबोधन में पुनर्गठन की अपील
समाज की स्थिति पर चर्चा करते हुए राजेंद्र वैष्णव महाराज भावुक भी हो गए। उन्होंने राष्ट्रीय महासचिव सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों से समाज को फिर से संगठित करने और आपसी एकता बढ़ाने की दिशा में सार्थक पहल करने का आग्रह किया।
उनके संबोधन को उपस्थित राष्ट्रीय और प्रांतीय पदाधिकारियों ने गंभीरता से सुना। आयोजकों के अनुसार, पदाधिकारियों ने उनके विचारों और प्रस्तावों का समर्थन करते हुए आगामी दिनों में सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया।
संगठन के प्रति सक्रियता को मिली नई जिम्मेदारी
राजेंद्र वैष्णव महाराज की नियुक्ति पर कार्यक्रम में मौजूद पदाधिकारियों और समाजजनों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। समाजजनों ने कहा कि उन्होंने महासभा की बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों में लगातार सहभागिता निभाई है तथा समाज को संगठित और मजबूत बनाने के लिए प्रयास किए हैं।
उनकी इसी सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें प्रांतीय स्तर पर नई जिम्मेदारी सौंपे जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की गई।
समाज की मजबूती के लिए कार्य करने का संकल्प
प्रांतीय उपाध्यक्ष नियुक्त होने के बाद राजेंद्र वैष्णव महाराज ने सभी सामाजिक पदाधिकारियों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे समाज की एकता, संगठन की मजबूती और सामाजिक उत्थान के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।
कार्यक्रम में सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने, आपसी समन्वय बढ़ाने और समाज के लोगों को एक मंच पर लाने पर विशेष जोर दिया गया।
