रायगढ़। मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित शिकायत पर कार्रवाई और जानकारी मिलने में देरी का आरोप लगाते हुए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, केवड़ाबाड़ी में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 सुरेन्द्र नाथ शर्मा ने निष्पक्ष विभागीय जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर को आवेदन देकर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय, रायगढ़ में शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की जांच कराने का अनुरोध किया है।
शिकायत और लंबित वेतन के मामले में मांगी जानकारी
सुरेन्द्र नाथ शर्मा के अनुसार, उन्होंने मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित शिकायत के साथ-साथ दो माह के लंबित वेतन भुगतान को लेकर भी आवेदन प्रस्तुत किया था। उनका कहना है कि दोनों प्रकरणों में अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने के कारण उन्होंने उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है।
स्वतंत्र अधिकारी से जांच कराने का अनुरोध
आवेदन में मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित शिकायत की निष्पक्ष जांच, संबंधित अभिलेखों एवं पत्राचार के परीक्षण और अब तक की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने की मांग की गई है। साथ ही, कार्रवाई में देरी के कारणों की भी जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
शर्मा ने कहा है कि चूंकि शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रायगढ़ से संबंधित है, इसलिए पूरे मामले की जांच किसी वरिष्ठ एवं स्वतंत्र सक्षम अधिकारी से कराई जानी चाहिए, ताकि प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित हो सके।
लंबित वेतन भुगतान और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग
शर्मा ने अपने आवेदन में दो माह के लंबित वेतन का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई है। इसके अलावा, जांच के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों अथवा कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
प्रशासनिक पारदर्शिता पर दिया जोर
सुरेन्द्र नाथ शर्मा के मुताबिक, उनका उद्देश्य किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं, बल्कि मध्यान्ह भोजन योजना से संबंधित शिकायत का निष्पक्ष परीक्षण कराना, लंबित वेतन की समस्या का समाधान करवाना और प्रशासनिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना है।


