Raigarh Crime: “अभियान संवेदना” के तहत चक्रधरनगर पुलिस की कार्रवाई, ओडिशा से नाबालिग दस्तयाब

मगीर में लगातार ठिकाने बदल रहा था आरोपी, पुलिस की तलाश के बाद गिरफ्तार; वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा जब्त

रायगढ़, 30 सितंबर 2026। लापता नाबालिगों की तलाश और महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत चक्रधरनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगीर से दस्तयाब किया। मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय युवक मनीष सिदार उर्फ साहिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

13 अगस्त को घर से चली गई थी नाबालिग

पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 को चक्रधरनगर थाने में एक महिला ने अपनी 17 वर्षीय बेटी के 13 अगस्त की शाम बिना बताए घर से चले जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 440/2026 दर्ज कर धारा 137(2) बीएनएस के तहत जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पुलिस को संदेही मनीष सिदार उर्फ साहिल के साथ नाबालिग के हिमगीर, ओडिशा में होने की जानकारी मिली।

पुलिस पहुंची तो ठिकाना बदलकर फरार हो गया था आरोपी

जानकारी मिलने के बाद चक्रधरनगर पुलिस की टीम ने हिमगीर में संभावित ठिकाने पर दबिश दी। हालांकि, पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपी और नाबालिग मोबाइल फोन बंद कर मकान बदलकर वहां से चले गए थे।

इसके बाद पुलिस ने लगातार पतासाजी जारी रखी। 2 सितंबर 2026 को हिमगीर, जिला सुंदरगढ़ स्थित एक किराये के मकान से पुलिस ने नाबालिग को दस्तयाब कर रायगढ़ लाया। उस समय आरोपी मौके से फरार हो गया था।

बयान के आधार पर बढ़ाई गई धाराएं

रायगढ़ लाने के बाद नाबालिग का बयान महिला पुलिस अधिकारी के माध्यम से दर्ज कराया गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता और गवाहों के कथनों के आधार पर आरोपी पर नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने का आरोप सामने आया।

इसके बाद प्रकरण में धारा 87, 64(2)(M) बीएनएस और धारा 6 पॉक्सो एक्ट जोड़ी गई। नाबालिग की बाल कल्याण समिति (CWC) के माध्यम से काउंसलिंग कराई गई तथा न्यायालय में उसके कथन की प्रक्रिया भी पूरी की गई।

इंस्टाग्राम के जरिए परिचय होने की बात सामने आई

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नाबालिग को करीब चार वर्षों से जानता था। दोनों के बीच इंस्टाग्राम के माध्यम से बातचीत होने की बात भी आरोपी ने पुलिस को बताई।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 14 अगस्त 2026 को अपना मोबाइल फोन एक दोस्त के पास गिरवी रखकर 6 हजार रुपये लिए थे। इसके बाद वह अपनी एक्टिवा स्कूटी से नाबालिग को हिमगीर स्थित अपने परिचित के घर ले गया, जहां दोनों रहने लगे।

पुलिस दबिश के बाद स्कूटी छोड़कर भागा था आरोपी

पुलिस के अनुसार, हिमगीर में पहली दबिश के बाद आरोपी ने दूसरा किराये का मकान ले लिया था। बाद में 2 सितंबर को चक्रधरनगर पुलिस और ओडिशा पुलिस की संयुक्त टीम ने उसकी तलाश की तो आरोपी अपनी एक्टिवा स्कूटी छोड़कर मौके से फरार हो गया।

पुलिस ने मामले में घटना में प्रयुक्त एक्टिवा स्कूटी क्रमांक CG 13 AA 4590 को ओडिशा से रायगढ़ लाकर जब्त कर लिया।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया

पुलिस के अनुसार, आरोपी मनीष सिदार उर्फ साहिल पिता उदल सिदार, उम्र 19 वर्ष, निवासी चक्रधरनगर के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। न्यायालय में पेश किए जाने पर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस टीम की रही अहम भूमिका

नाबालिग की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी की कार्रवाई में महिला उप निरीक्षक मनीषा धुर्वे, उप निरीक्षक गेंदलाल साहू और हमराह स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चक्रधरनगर पुलिस ने ओडिशा पुलिस के सहयोग से लगातार पतासाजी करते हुए नाबालिग को सुरक्षित दस्तयाब किया और फरार आरोपी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई पूरी की।

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