रायगढ़, 10 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को व्यावसायिक वाहनों के फिटनेस और ओवरलोडिंग मामलों को लेकर जोरदार बहस हुई। मामला उठते ही सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तेज नोकझोंक और वॉकआउट देखने को मिला।
मामला क्या था
विधायक ओंकार साहू ने सवाल उठाया कि:
- पिछले तीन सालों में कितने वाहनों को बिना फिटनेस प्रमाण पत्र के संचालन की अनुमति दी गई?
- ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बीमा के मामलों में कितने प्रकरण दर्ज किए गए और कितनी राशि वसूली गई?
मंत्री ने दिए जवाब
परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि:
- फिटनेस परीक्षण की जानकारी निरंक है, लेकिन बिना भौतिक परीक्षण कोई फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं दिया जाता।
- पिछले 3 साल में ओवरलोडिंग, बिना परमिट संचालन और बीमा के 77,810 प्रकरण दर्ज किए गए।
- इन प्रकरणों में कुल 42 करोड़ 79 लाख 5 हजार 300 रुपए की वसूली की गई।
मंत्री ने कहा कि विभाग लगातार नियमों के अनुपालन और वसूली के लिए कार्रवाई कर रहा है।
विपक्ष का असंतोष
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मंत्री द्वारा मांगी गई जानकारी अपूर्ण और विभाग से लिखित में भी प्राप्त नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग ढीला है और जानकारी नहीं मिलने के कारण विपक्ष ने वॉकआउट किया।
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि भूपेश बघेल का प्रश्न पूछने का अधिकार है, लेकिन धमकी देने का अधिकार नहीं।
भूपेश बघेल ने जवाब दिया कि मंत्री का विभाग पर नियंत्रण नहीं है, और जानकारी न मिलने के कारण ही वह और विपक्षी सदस्य सदन से बाहर चले गए।
सदन का माहौल
- सवाल उठते ही सदन में हलचल और हंगामा बढ़ गया।
- विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कड़ी बहस हुई।
- बहस के आधे घंटे के भीतर ही वॉकआउट से सदन का माहौल गरमाया।

