मौहरीटोला में रेत के कथित भंडारण को लेकर उठे सवाल

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रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा से कथित उत्खनन के बाद डंपिंग का आरोप, मौके की जांच की मांग

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। मरवाही तहसील क्षेत्र में रेत के कथित अवैध उत्खनन और भंडारण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अमेराटिकरा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले मौहरीटोला में बड़ी मात्रा में रेत के भंडारण की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन और खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा क्षेत्र से कथित तौर पर रेत निकाली जा रही है और ट्रैक्टरों के माध्यम से उसे मौहरीटोला में लाकर डंप किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

बड़ी मात्रा में रेत भंडारण से उठे सवाल

मौहरीटोला में कथित तौर पर सैकड़ों ट्रैक्टर के बराबर रेत जमा होने की बात कही जा रही है। यदि मौके पर वास्तव में इतनी बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण है, तो उसके स्रोत, परिवहन और वैध अनुमति को लेकर जांच जरूरी हो जाती है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि इतनी बड़ी मात्रा में रेत किस स्थान से लाई गई और क्या इसके भंडारण के लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली गई है।

रेत के स्रोत और परिवहन की जांच की मांग

रूमगा, सिलपहरी और कोलबीरा क्षेत्र से कथित उत्खनन तथा मौहरीटोला में कथित डंपिंग के बीच संबंध होने की बात सामने आने के बाद पूरे मामले की जांच की मांग उठ रही है।

जांच में संबंधित नदी घाटों, रेत के स्रोत, डंपिंग स्थल तक पहुंचने वाले रास्तों, परिवहन में इस्तेमाल वाहनों और रेत से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा सकती है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौहरीटोला में जमा रेत वैध स्रोत से लाई गई है या नहीं।

खनिज विभाग की निगरानी पर भी सवाल

स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि यदि मौहरीटोला में इतनी बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण किया गया है, तो क्या इसकी जानकारी खनिज विभाग को है। विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया है या नहीं, यह भी स्पष्ट होना बाकी है।

यदि निरीक्षण हुआ है तो रेत की अनुमानित मात्रा और उसके स्रोत को लेकर क्या तथ्य सामने आए, इसकी जानकारी भी महत्वपूर्ण होगी।

प्रशासन से मौके पर जांच की मांग

मामले को लेकर प्रशासन से मौहरीटोला में मौके का निरीक्षण कराने की मांग की जा रही है। जांच के दौरान रेत की मात्रा, उसके स्रोत, भंडारण की अनुमति, परिवहन वाहनों और संबंधित दस्तावेजों की जांच किए जाने की आवश्यकता बताई जा रही है।

यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या अवैध उत्खनन एवं भंडारण पाया जाता है, तो संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल मौहरीटोला में रेत के कथित बड़े पैमाने पर भंडारण और इसके स्रोत को लेकर स्थिति प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक जानकारी या कार्रवाई सामने आने का इंतजार है।

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