अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल: विशेषज्ञों ने चीन कनेक्शन पर उठाए संदेह

Advertisement

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। United States और Iran के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमति बनने से क्षेत्र में शांति की उम्मीद जगी है, लेकिन इस बीच Pakistan की कथित मध्यस्थता भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पाकिस्तान की भूमिका पर बढ़ते संदेह
विशेषज्ञों का कहना है कि युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका स्पष्ट नहीं है, जबकि वह खुद को मध्यस्थ बताने की कोशिश कर रहा है। पूर्व अमेरिकी ट्रेजरी आतंकवाद विश्लेषक Jonathan Schanzer ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान की नीतियों के पीछे असल मंशा क्या है, यह स्पष्ट नहीं है।

चीन के प्रभाव की ओर इशारा
Foundation for Defense of Democracies से जुड़े शैनजर का मानना है कि पाकिस्तान पर China का बड़ा आर्थिक प्रभाव है। उन्होंने कहा कि बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव और भारी कर्ज के कारण पाकिस्तान की रणनीतिक स्वतंत्रता सीमित हो गई है।

अमेरिका या चीन—किसके साथ खड़ा पाकिस्तान?
विश्लेषकों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान इस मौके का इस्तेमाल अमेरिका के साथ अपने संबंध सुधारने के लिए कर रहा है या फिर चीन के हितों के अनुरूप कदम उठा रहा है।

युद्धविराम पर भी अनिश्चितता बरकरार
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भले ही अस्थायी युद्धविराम लागू हो गया हो और Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग खुले रहें, लेकिन क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

आगे की स्थिति पर दुनिया की नजर
इस घटनाक्रम के बाद अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि युद्धविराम कितने समय तक टिकता है और इसमें विभिन्न देशों की वास्तविक भूमिका क्या रहती है।

Share This Article