कुरू पहुंचा जन-जागरूकता अभियान, एसएसपी ने सराहा नशामुक्ति मॉडल

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रायगढ़। जिले के अंतिम छोर खरसिया तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरू में सोमवार को जन-जागरूकता, नशामुक्ति और सामाजिक चेतना पर केंद्रित विशेष शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। पूजा-अर्चना और माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

28 में से 24 गांव नशामुक्ति की ओर

कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया प्रभात कुमार पटेल ने बताया कि एसएसपी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत अवैध नशे के कारोबार पर कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। जोबी क्षेत्र में महिला समूहों और पुलिस के संयुक्त प्रयास से 28 गांवों में से 24 गांव नशामुक्ति की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं।

मातृशक्ति को बताया परिवर्तन की ताकत

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं ने नशे को सामाजिक बुराई मानकर जिस संकल्प के साथ अभियान चलाया है, वह सामाजिक क्रांति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि यह केवल नशा छोड़ने का अभियान नहीं, बल्कि समाज को मुख्यधारा में लौटाने का आंदोलन है।

पुलिस-जनता समन्वय से बदलाव संभव

एसएसपी ने कहा कि स्थायी परिवर्तन तभी संभव है जब पुलिस और जनता साथ मिलकर काम करें। उन्होंने एसडीओपी प्रभात पटेल, चौकी प्रभारी लक्ष्मी राठौर और स्थानीय पुलिस टीम की सराहना करते हुए इसे सामुदायिक पुलिसिंग का प्रभावी मॉडल बताया।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

कार्यक्रम में थाना प्रभारी खरसिया सीताराम ध्रुव, चौकी प्रभारी लक्ष्मी राठौर, महिला समूहों की सदस्याएं, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

एसएसपी का संदेश: “नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, समाज की साझी जिम्मेदारी है। जोबी क्षेत्र का मॉडल पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा है।”

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