बलरामपुर । आगामी मानसून से पहले जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने विकासखंड बलरामपुर के ग्राम चम्पापुर का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भरी दोपहरी में पैदल खेतों की मेड़ नापते हुए मनरेगा अंतर्गत निर्मित मिट्टी बांध और अन्य जल संरचनाओं का स्थल पर निरीक्षण किया तथा उनकी उपयोगिता और लाभ की जानकारी ली।
खेतों में उतरकर किया जल संरक्षण कार्यों का निरीक्षण
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सीधे खेतों में पहुंचीं और मिट्टी बांध तक पैदल जाकर संरचना का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्षा की हर बूंद को सहेजना समय की आवश्यकता है और जल संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा का आधार है। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर भी उपस्थित रहीं।

मानसून से पहले सभी संरचनाएं तैयार रखने के निर्देश
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी जल संरक्षण संरचनाओं को पूरी तरह उपयोग योग्य स्थिति में तैयार रखा जाए, ताकि वर्षा जल का अधिकतम संचयन हो सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
मोर गांव मोर पानी अभियान को गति देने पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर और सोक-पिट निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा जल का स्थानीय स्तर पर संचयन भूजल स्तर सुधारने का सबसे प्रभावी माध्यम है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।
40 परिवारों को मिल रहा प्रत्यक्ष लाभ, 200 एकड़ भूमि सिंचित
ग्राम चम्पापुर में मनरेगा के तहत निर्मित मिट्टी बांध से लगभग 40 परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। इस संरचना से करीब 180 से 200 एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है। इससे किसान गेहूं, मक्का, धान, सरसों और चना जैसी फसलों की बेहतर पैदावार कर रहे हैं। यह जल संरक्षण संरचना ग्रामीण क्षेत्र में कृषि समृद्धि और जल सुरक्षा की मजबूत आधारशिला बन रही है।




